पर्यवेक्षकों के सामने दावेदारों की कतार
भास्कर न्यूज Tuesday, November 03, 2009 07:13 [IST]  

bikanerबीकानेर. प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षक हीरालाल इंदौरा, भंवरू खां, जगदीश शर्मा व प्रतिभा सिंघवी के सामने सोमवार को नगर निगम चुनाव में महापौर और कापरेरेटर पद के दावेदारों ने अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर जहां आवेदन किया वहीं टिकट मिलने पर जीत के आधार भी बताए।



दोपहर लगभग एक बजे पर्यवेक्षक जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यालय पहुंचे जहां कई दावेदार पहले से ही इंतजार कर रहे थे। हालांकि भीड़ अपेक्षा से कम इसलिए थी क्योंकि पार्टी इकाई की ओर से दावों के लिए अलग से स्थान बाद में तय करने की सूचना हर आवेदक को दी जा रही थी। इसके बावजूद पर्यवेक्षकों के पहुंचते ही दावेदारी का दौर शुरू हो गई।



कभी पार्टी और युवक कांग्रेस-जिंदाबाद के नारे लगे तो कभी दावेदार और उनके समर्थक बायोडाटा थमाते हुए पार्टी को दी गई अपनी सेवाएं गिनाते और टिकट की मांग करते। लगभग आधा घंटा चले इस क्रम के बाद पर्यवेक्षक व पार्टी के वरिष्ठ नेता डा.बी.डी.कल्ला, जनार्दन कल्ला, भवानीशंकर शर्मा, डा.तनवीर मालावत, अब्दुल मजीद खोखर, ताज खां, बिट्ठल बिस्सा सहित ब्लॉक कमेटी व अग्रिम संगठनों के अध्यक्ष डीसीसी कार्यालय से रवाना हो गए। कार्यकर्ताओं को बताया गया, गुप्त स्थान पर मीटिंग होगी इसके बाद होटल बाबू हैरिटेज में दावेदारों से फिर दावे लिए जाएंगे।



ऐसे में कांग्रेस कार्यालय से भीड़ छंटने लगी और दोपहर बाद होटल के आगे खड़े होकर दावेदार पर्यवेक्षकों का इंतजार करने लगे। शाम को लगभग साढ़े पांच बजे पर्यवेक्षक और पार्टी के वरिष्ठ नेता होटल पहुंचे। इनके पहुंचते ही एकबारगी फिर नारेबाजी के बाद शुरू हो गया आवेदन देने का क्रम, जो रात तक चलता रहा। होटल के कमरे में जहां पर्यवेक्षकों के सामने पहुंचकर बायोडाटा थमाने का दौर चलता रहा वहीं कई प्रत्याशी अपने साथ समर्थकों की भीड़ भी लेकर आए।



ऐसे में नारेबाजी सुन पर्यवेक्षकों को कमरे से बाहर आकर कार्यकर्ताओं से रूबरू होना पड़ा। कमरे में उमड़ती आवेदकों की भीड़ को देखते हुए पर्यवेक्षकों को कई बार कक्ष छोड़कर भी जाना पड़ा। बाद में राजेश भोजक, गोपाल पुरोहित, हुलासचंद भूतड़ा आदि कार्यकर्ताओं ने आवेदकों को कतारबद्ध करने की कमान थामी।

  Bookmark and Share
 


अपने विचार यहां लिखें:
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: