पर्यावरण में हो रहे बदलावों और उसके दुष्प्रभावों को लेकर दुनियाभर में चिंता बढ़ रही है। दो सप्ताह पहले मालदीव के मंत्रियों ने समुद्र की गहराई में कैबिनेट मीटिंग करके दुनिया का ध्यान इस ओर खींचा था। अब नेपाल के मंत्री दुनिया की सबसे ऊंची जगह माउंट एवरेस्ट पर बैठक करने जा रहे हैं।
नेपाल सरकार का कहना है कि ऐसा करके वो ग्लोबल वॉर्मिंग के खतरों के प्रति दुनिया को जागरुक करना चाहते हैं। कोपेनहेगन में 7 दिसंबर को पर्यावरण बदलाव विषय पर संयुक्त राष्ट्र की अहम बैठक होनी है। इस बैठक से पहले तमाम लोग अपने अनोखे तरीकों से इस वैश्विक समस्या पर चिंता जता रहे हैं।
नेपाल के वन मंत्री दीपक बोहरा ने बताया कि देश की गठबंधन सरकार के सभी मंत्री इस महीने के आखिर में 17,585 फुट की ऊंचाई पर एक लैंडमार्क मीटिंग करेंगे। एवरेस्ट के बेस कैंप पर होने वाली इस कैबिनेट मीटिंग का मकसद हिमालय पर्वत और उसके संसाधनों पर निर्भर लोगों पर पर्यावरण बदलाव के खतरनाक असर की तरफ दुनिया का ध्यान खींचना है।
गौरतलब है कि पर्यावरण से जुड़े वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रकृति में आ रहे बदलाव का इनसानी जिंदगी पर गहरा असर पड़ेगा। ग्लेशियरों का तेजी से पिघलना, मौसम में अनपेक्षित बदलाव, बढ़ती प्राकृतिक आपदाएं इसी का नतीजा है। माना जा रहा है कि समुद्र का वॉटर लेवल अगर कुछ सेंटीमीटर भी बढ़ गया तो मालदीव के कई द्वीप डूब जाएंगे।