नई दिल्ली. खाद्य पदार्थो में इस्तेमाल के बाद खराब हुए तेल को अब फेंकने की जरूरत नहीं है। इस तेल का इस्तेमाल दोपहिया वाहनों को चलाने में किया जा सकेगा। दिल्ली टैक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी यानी डीटीयू के सहयोग से दिल्ली सरकार इस योजना को अमलीजामा पहनाने में जुटी है। अधिकारियों की मानें तो योजना को 2012 में मूर्तरूप दे दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि राजधानी के होटलों में प्रतिदिन हजारों लीटर खाद्य तेल बर्बाद होता है। इस तेल को ईंधन में परिवर्तित करके राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने के साथ-साथ ईंधन की कमी से भी छुटकारा पाया जा सकता है। योजना के तहत राजधानी के चुनिंदा होटलों और रैस्टोरैंट से बर्बाद होने वाले खाद्य तेल को रोजाना इकट्ठा कर उसे बायो फ्यूल (ईंधन) में परिवर्तित किया जाएगा। बाद में इसे डीजल चलित वाहनों में प्रयोग किया जाएगा।
2012 तक लागू
डीटीयू के प्रोफैसर नवीन कुमार के अनुसार फिलहाल ट्रायल के रूप में 15 लीटर खाद्य तेल को ईंधन में बदलकर वाहनों में उपयोग किया गया है। मुख्य सचिव राकेश मेहता के अनुसार, 2012 तक यह योजना लागू कर दी जाएगी। इसके लिए खराब तेल को बेचने के लिए आगे आने की अपील की जाएगी।