बीजिंग. दुनियाभर में वैज्ञानिकों के बीच स्टेम सेल्स की नैतिकता को लेकर बहस चल रही है। अब हांगकांग के वैज्ञानिकों ने स्टेम सेल्स के प्रयोग से चूहे का क्लोन बना इस बहस की आग में घी का काम किया है। लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि उनका यह कदम पहला मानव क्लोन बनाने की ओर बिल्कुल नहीं है।
उनकी मानें तो मानव का क्लोन तैयार करने के लिए स्टेम सेल्स का प्रयोग नैतिकता की दृष्टि से गलत है। शंघाई जाओ टॉन्ग यूनिवर्सिटी स्थित शंघाई इंस्टीच्यूट ऑफ मैडिकल जैनेटिक्स के फेनई जेंग का मानना है कि साइंस की भी अपनी कुछ नैतिक सीमाएं हैं, जिनको लांघने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
स्टेम सेल्स से चूहे का क्लोन तैयार करने का मकसद बीमारियों के कारणों को समझना तथा उनके इलाज के नए-नए तरीके खोजना है। उनके मुताबिक स्टेम सेल्स शरीर के मूल सैल्स हैं, जोकि शरीर के टिशूज, अंगों तथा खून के लिए मूलतत्व हैं। जेंग ने बताया, इस प्रयोग से एक महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है कि साधारण सैल्स भी भ्रूण स्टेम सेल्स की तरह काम कर सकते हैं। अध्ययनकर्ताओं ने 37 लाइन्स तैयार कर चूहों के तीन क्लोन बनाए।