धर्मपुर. धर्मपुर के टीबी सैनीटोरियम का मैस 8 माह से एक वार्ड में चल रहा है। इससे इस अस्पताल में भर्ती टीबी रोगियों के लिए खाना पकाने में भी दिक्कत आ रही है।
वार्ड के मैस में सामान रखने के लिए कोई स्टोर न होने के कारण खाना-पकाने का सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा रहता है। कई बार तो जमीन पर रखा सामान खराब भी हो जाता है। इससे टीबी सैनीटोरियम का मैस चला रहे ठेकेदार को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। धर्मपुर में टीबी रोगियों के लिए 1913 में ब्रिटिश सरकार ने टीबी अस्पताल खोला था।
रखरखाव के अभाव के कारण सैनीटोरियम का मैस का भवन जर्जर हालत में है। इसकी दीवारें जगह-जगह टूटी हुई है। भवन के असुरक्षित होने के कारण 8 माह पूर्व इस मैस को वार्ड में शिफ्ट किया गया था। उस समय यह कहकर अस्पताल प्रशासन ने मैस के भवन को खाली करवाया था कि दो माह बाद मरम्मत करके मैस को ठीक करवा दिया जाएगा। 8 माह का समय बीत जाने के बाद भी मैस वार्ड में ही चल रहा है। वार्ड में सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। ऐसे में मैस चला रहे ठेकेदार को यहां भर्ती टीबी रोगियों को खाना पकाने में परेशानी हो रही है।
अस्पताल की जर्जर हो चुके भवन की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग को लिखा गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने फंड भी जमा करवा दिए गए हैं। भवन की मरम्मत होने के बाद मैस को वार्ड से शिफ्ट कर दिया जाएगा।
रीत नैयर, चिकित्सा अधीक्षक टीबी सैनीटोरियम धर्मपुर