अम्बाला. श्री लंका में एनसीसी कैडेटस का प्रशिक्षण कोई सामान्य नहीं है। इस देश में तो बचपन से ही बड़ा सख्त सैन्य प्रशिक्षण शुरू हो जाता है। श्रीलंका में भारत का प्रतिनिधित्व करके लौटी शहर की गीता दहिया ने अनुभव सांझे करते हुए वहां के सांस्कृतिक, सैन्य प्रशिक्षण और कई पहलुओं पर बात की।
भारत से पहुंची दस सदस्यीय टीम ने पांच देशों के कैडेटस को पछाड़ फायरिंग में बेस्ट का अवार्ड जीता। एसडी कालेज की छात्रा गीता को देश भर से चुने गए दस स्टूडेंटस में शामिल किया गया था। इनमें पांच लड़के व पांच लड़कियां थी। सभी ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भागीदारी की।
कालेज पहुंचने पर इस होनहार छात्रा का वेलकम किया गया। पूरे स्टाफ सदस्यों के मन में अपनी छात्रा की उपलब्धि का गौरव था। कालेज प्रिंसिपल डा. देशबंधु और एनसीसी आफिसर लेफ्टिनेंट डा. विजया शर्मा ने छात्रा को सम्मानित किया। गीता ने बताया कि उन्हे श्रीलंका में शिविर के दौरान मिलट्री एकेडमी ले जाया गया।
साथ ही पाकिस्तान, बांगलादेश,नेपाल,मालद्वीप से आए युवा प्रतिनिधियों के रू-ब-रू होकर एक दूसरे की संस्कृति जानी और समझी। वह कहती है कि 20 दिन के शिविर का अनुभव बहुत अच्छा रहा।
इसके अलावा श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्ष्य ने भी कैडेटस से मुलाकात की। उधर यहां के नेवी,आर्मी और एयरफोस के कमांडर ने भी कैडेटस से बातचीत की। वहां स्कूली समय से ही एनसीसी को गंभीर समझा जाता है। छोटे बच्चे भी बड़ी हार्ड एक्टिविटी करते हैं।