मातम : छिन गया मासूमों के सिर से साया
Bhaskar News Wednesday, November 04, 2009 01:15 [IST]  

अम्बाला. स्कूल से छुट्टी होने के बाद सुमित प्रकाश वर्मा के दोनों मासूम बच्चे गली में साइकिल दौड़ाते हुए दोस्तों के साथ खूब हंस-खेल रहे थे। बड़ा बेटा 12 वर्षीय भगत शरण तो सोच रहा था कि उसके पिता पहले की तरह चंडीगढ़ में चेकअप कराकर शाम तक लौट आएंगे, मगर घर के बाहर दरियां बिछी हुई और ताया व अन्य परिजनों को रोता देख वह एकदम गुमशुम सा हो गया।



कुछ देर बाद पता चला कि उसके पिता अब नहीं रहे तो मानों नन्हीं सी जान को किसी ने एकदम सुन कर दिया हो। दोस्तों के साथ हंस खेल रहे नन्हें बालक की आंखें एकदम आंसुओं से लबालब हो गई। छोटी उम्र में ही पिता को खोने का गम उसकी आंखों में स्पष्ट झलक रहा था।



परिजनों ने गले लगाकर किसी तरह उसे संभाला। भगत के अलावा सुमित वर्मा का छोटा बेटा छह वर्षीय प्रकाश है जोकि पहली कक्षा का छात्र है। बच्चों के साथ खेल रहे प्रकाश को केवल इतना पता है कि उसके पिता अब नहीं रहे। मृतक 35 वर्षीय सुमित प्रकाश वर्मा के बड़े भाई गुरदास वर्मा ने बताया कि सुमित के दोनों गुर्दे खराब थे और उनका पीजीआई में इलाज चल रहा था।



मंगलवार को भी चंडीगढ़ इलाज के लिए सुमित को लेकर गए थे, लेकिन वहां इलाज जल्दी नहीं मिलने के कारण सुमित की मौत हो गई। मृतक सुमित प्रकाश जैन सुनार का काम करते थे और उनका पुश्तैनी मकान खुमरान मोहल्ले में है। मौत का सूचना मोहल्ले के लोगों को मिली तो पूरे मोहल्ले में मातम छा गया। परिजन बताते हैं कि सुमित की हालत दो-तीन वर्र्षो से खराब थी।

  Bookmark and Share
 


अपने विचार यहां लिखें:
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: