फंसे रहे हजारों यात्री
Bhaskar News Wednesday, November 04, 2009 01:19 [IST]  

ambalaअम्बाला. ट्रेन में पंजाब जा रहे हजारों यात्री मंगलवार को खालसा एक्शन कमेटी के आह्वान पर किए गए पंजाब बंद के कारण बीच मार्ग में फंस गए। पंजाब में रेलमार्ग बाधित किए जाने से प्रदेश के अंतिम अम्बाला कैंट रेलवे स्टेशन पर शताब्दी सहित दर्जनों ट्रेनें रेलवे को रद्द करनी पड़ी।



इसके अलावा कई पैसेंजर ट्रेनों को चलाया ही नहीं गया। परेशान यात्रियों को बसों व टैक्सियों का सहारा लेकर गंतव्य की ओर रवाना होना पड़ा। मंगलवार को सुबह छह बजे से ही अम्बाला-लुधियाना रेलमार्ग बाधित किए जाने से अम्बाला से आगे ट्रेनें नहीं जा पा रही थी। अमृतसर जाने वाली स्वर्ण शताब्दी को अम्बाला व 2013-14 नई दिल्ली-अमृतसर शताब्दी एक्सप्रेस को रेलवे ने रद्द किया जबकि इनके अलावा दर्जनों अन्य ट्रेन रद्द हुई।



इंतजाम किए



सुबह से ही पंजाब में रेलमार्ग बाधित कर दिया गया था जिस वजह से अम्बाला-लुधियाना रेलमार्ग अस्त-व्यस्त हुआ। यात्रियों के लिए रेलवे ने रिफंड काउंटर व अन्य इंतजाम कर दिए थे। अम्बाला के अलावा कुछ अन्य स्टेशनों पर भी ट्रेनें रोक दी गई थी। दोपहर 1.15 पर रेलमार्ग बहाल हो गया था। - आरके सक्सेना, एडीआरएम, अम्बाला



कौन से रद्द हुई ट्रेन



2014 नई दिल्ली-अमृतसर शताब्दी एक्सप्रेस, 2460 सुपरफास्ट एक्सप्रेस, 2054 अमृतसर-हरिद्वार जनशताब्दी एक्सप्रेस रद्द रही। अम्बाला में जो ट्रेन रद्द की गई उनमें 3049 हावड़ा एक्सप्रेस, 2029 स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस, 2497 शान-ए-पंजाब, 5707 आम्रपाली एक्सप्रेस, 1057 दादर एक्सप्रेस को रद्द किया गया।



इसके अलावा पैसेंजर ट्रेन नंबर 3यूएलएम, 1एसयूएन, 3यूएसएन, 1यूबी और 2यूबी रद्द रही। पंजाब में रेलमार्ग बहाल होने के कारण 2716 नांदेड़ एक्सप्रेस, 2318 अकाल तख्त एक्सप्रेस, जनसेवा एक्सप्रेस, आम्रपाली एक्सप्रेस, डीलक्स एक्सप्रेस और दादर एक्सप्रेस को अमृतसर से अपने निर्धारित समय से घंटों लेट चलाया गया।



मुसीबत भरा रहा शताब्दी का सफर



मंगलवार को अम्बाला-लुधियाना रेलमार्ग जाम हुआ तो शताब्दी एक्सप्रेस के यात्रियों को ही सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। न तो ज्यादातर यात्रियों की टिकट रिफंड हुई और घंटों इंतजार के बावजूद कोई दूसरी ट्रेन भी नहीं मिली।



बीच मार्ग में फंसे यात्रियों को प्राइवेट बसों व टैक्सी का सहारा लेकर आगे जाना पड़ा। टैक्सी चालकों ने भी खूब चांदी लूटी और लुधियाना तक के तीन-तीन हजार रुपए तक वसूले। 2029 स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस सुबह निर्धारित समय पर कैंट स्टेशन पहुंची तो ट्रेन को यही रद्द कर दिया गया था।



ट्रेन में लुधियाना, जालंधर व अमृतसर के यात्री थे। लगभग एक घंटा तक ट्रेन कैंट स्टेशन पर खड़ी रहने के बाद इसे रद्द कर दिया गया। ट्रेन में सवार ज्यादातर यात्रियों ने ई-टिकट ट्रेवल एजेंट के जरिए ली थी जोकि स्टेशन पर रिफंड नहीं होती। इन टिकटों को ट्रेवल एजेंट ही रिफंड करते हैं। टिकट रिफंड नहीं होने पर यात्रियों में रोष था।



क्या कहा यात्रियों ने



शताब्दी एक्सप्रेस से बच्चे सहित लुधियाना जा रही नेहा का कहना था कि यदि ट्रेन रद्द हुई है तो रेलवे को वैकल्पिक व्यवस्था भी करनी चाहिए। न तो टिकट रिफंड किए गए हैं और न ही ज्यादा जानकारी मिल रही है।



परिवार के साथ गोवा से लुधियाना जा रहे भूषण कदम बताते हैं कि उन्हें कैंट स्टेशन पर आने पर मालूम पड़ा की ट्रेन रद्द हुई है। यदि पहले पता होता तो वह आज सफर नहीं करते। अब वह सड़क मार्ग से पंजाब रवाना होंगे। रेलवे ने ई-टिकट रिफंड करने से इंकार कर दिया है जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है।



अमृतसर जाने वाली यात्री विजय कहते हैं कि रेलवे को अलग से व्यवस्था करनी चाहिए ताकि यात्रियों को ज्यादा दिक्कत नहीं झेलनी पड़े। स्पेशल बस भी यहां से चलाई जा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं करने पर हजारों यात्री परेशान हुई है। सूचना देने के लिए कोई विशेष काउंटर नहीं खोला गया।



चार लाख का घाटा



अम्बाला डिपो के डीआई तिलक राज बताते हैं कि रिकार्ड के मुताबिक हर रोज पंजाब जाने वाली एक बस पूरे दिन में करीब 8 हजार रुपए जमा करती है। अम्बाला से 52 बसें पंजाब मेंं एंट्री करती है, मंगलवार को बसे नहीं चलने के कारण अकेले अम्बाला डिपो को चार लाख 16 हजार रुपए का घाटा हुआ है। हरियाणा रोडवेज के वर्कर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष हरिनारायण शर्मा बताते हैं पंजाब में प्रदेश के सभी डिपो की बस जाती है। अम्बाला को छोड़कर 168 बसें प्रदेश के विभिन्न डिपो से जाती है।



बंद रहा पंजाब, असर हरियाणा पर



अनिल भारद्वाज. मंगलवार को बंद पंजाब रहा और असर हरियाणा पर पड़ा। जहां रोडवेज को एक दिन की यह हडताल लाखों के घाटे में ले गई। हरियाणा रोडवेज को पंजाब बंद होने से एक दिन में 17 लाख 60 हजार रुपए की चपत लगी है।



प्रदेश के 20 डिपो व 17 सब डिपो से पंजाब में करीब 220 बसें अम्बाला, कैथल व सिरसा से एंट्री करती है। पंजाब बंद होने के कारण ये बसें मंगलवार को नहीं दौड़ पाई। इस दौरान पंजाब की प्राइवेट, पीआरटीसी की बसें चलती रही। बसों की संख्या कम और यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण प्राइवेट बसों की छतों पर बैठकर यात्रियों ने सफर किया।



प्रदेश के विभिन्न डिपो की बसें अम्बाला से होकर 200, कैथल व सिरसा से 10-10 बसें जालांधर, पटियाला, राजपुरा, पठानकोट, लुधियाना, अमृतसर, संगरूर, नवां शहर, बठिंडा सहित कई शहरों में जाती है। मंगलवार को 220 बसों के पंजाब में एंट्री नहीं होने के कारण एक बस की कमाई करीब 8 हजार रुपए लगाते हुए रोडवेज को 17 लाख 60 हजार रुपए का घाटा हुआ है।

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