शिमला. अपर शिमला के चार सरकारी ठेकेदारों और यूको बैंक रोहडू के वरिष्ठ प्रबंधक के खिलाफ मंगलवार को सीबीआई ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। चार ठेकेदारों और बैंक प्रबंधक पर आरोप हैं कि इन्हांेने आपसी मिलीभगत से 1.97 करोड़ रु. की फर्जी गारंटी देकर पीडब्लयूडी से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करोड़ों रुपए के ठेके लिए।
31 मार्च 2009 को ठेकेदार संदीप सिंह, विजय सिंह और दो अन्य ठेकेदारों सहित यूको बैंक रोहडू के वरिष्ठ प्रबंधक वीके अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। उस समय सीबीआई ने ठेकेदारों और बैंक प्रबंधक को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया था। सात महीनों की तफ्तीश में पाया गया कि जो 1.97 करोड़ की गारंटी (एफडी, लिमिट या जमा संपत्ति) ठेकेदारों ने जुब्बल, डोडरा क्वार और रोहडू पीडब्लयूडी डिवीजन को दी थीं, वे सभी फर्जी थीं।
ठेकेदारों के पास इतनी संपत्ति नहीं थी। आरोपी ठेकेदारों ने इस फर्जी गारंटी के आधार पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की कई सड़कों को बनाने का काम भी हासिल कर लिया और करोड़ों रुपए की हेराफेरी की। सीबीआई के एसपी ने बताया कि छानबीन के बाद जो सबूत हाथ लगे हैं उस आधार पर मंगलवार को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई है।