नई दिल्ली. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और उनके सहयोगियों ने सरकारी योजनाओं में भी धन निवेश किया था। सरकारी योजनाओं में धन निवेश करके कोड़ा ने 30 करोड़ रुपए से अधिक का मुनाफा भी कमाया था।
इस बात का खुलासा पूर्व मुख्यमंत्री और उनके साथियों के 70 ठिकानों पर लगातार चौथे दिन जारी छापेमारी में जब्त दस्तावेजों से हुआ है। छापेमारी में शामिल आयकर टीम को सहयोग देने के लिए दिल्ली से भी प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम रवाना हो चुकी है। यह टीम बुधवार की सुबह रांची पहुंच जाएगी। इस बीच कोड़ा को ब्लड प्रेशर और पेट में दर्द होने की शिकायत के बाद रांची स्थित अपोलो (अब्दुल रज्जाक वीवर्स अस्पताल) में दाखिल कराया गया है।
महाराष्ट्र के एक पूर्व मंत्री भी जांच के दायरे में : महाराष्ट्र के एक पूर्व कांग्रेसी मंत्री भी मधु कोड़ा के मामले में फंस सकते हैं। कांग्रेस के उक्त पूर्व मंत्री का झारखंड के राजनेताओं से घनिष्ठ संबंध रहा है। प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री के जरिए भी कोड़ा ने हवाला कारोबार किया है। रांची में झारखंड के एक पूर्व मंत्री के घर पर हुई छापेमारी में ऐसे सुबूत मिले हैं, जिससे यह पता चलता है कि हवाला कारोबारियों का उक्त कांग्रेसी नेता से भी संबंध रहा है।
छह के खिलाफ समन जारी : आयकर (अनुसंधान) महानिदेशक अंजनि कुमार ने बताया कि कोड़ा समेत छह के खिलाफ समन जारी कर दिया गया है। कोड़ा के अलावा विनोद सिन्हा, संजय चौधरी, अशोक चौधरी, वीरेंद्र मुखिया और शीतला को छह नवंबर तक मुख्य आयकर कमिश्नर के सामने हाजिर होने को कहा गया है। कुमार के मुताबिक कोड़ा विभागीय जांच में मदद नहीं कर रहे हैं। इस कारण ही छापेमारी की कार्रवाई लंबी होती जा रही है। उन्होंने कहा कि आयकर अधिकारी अपोलो अस्पताल में कोड़ा का इलाज कर रहे ़डाक्टरों से संपर्क में हैं। डाक्टरों ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य के बारे में बुधवार को पैथोलॉजी जांच रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
आईसीयू में भर्ती
अबुर रज्जाक मेमोरियल वीवर्स हास्पिटल के प्रवक्ता जावेद अख्तर के अनुसार, ‘कोड़ा को दोपहर में आईसीयू में भर्ती किया गया है। डॉक्टर उनकी देखभाल कर रहे हैं। पैथालॉजिकल रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी बीमारी का सही पता लग पाएगा।’ एक डॉक्टर ने बताया कि हफ्ताभर पहले ही कोड़ा को किडनी का उपचार देकर अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया था।
धन ऐसे हो रहा था ब्लैक से व्हाइट
आयकर विभाग के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि मधु कोड़ा और उनके साथियों ने धन कमाने के लिए उत्तर प्रदेश में चल रहे राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में करीब 150 करोड़ रुपए का निवेश किया था। इस निवेश से करीब 30 करोड़ रुपए का लाभ भी दिखाया गया है। आयकर को शक है कि ऐसा करके कोड़ा और उनके साथियों ने काला धन को सफेद कर रहे थे। फिलहाल दस्तावेजों की जांच चल रही है।
कोड़ा व उनके साथियों ने दो फर्मो के जरिए कई अन्य सरकारी योजनाओं में भी निवेश किया है, जिसकी जांच अभी चल रही है। अंजनी पुत्र इस्पात लिमिटेड और क्रिएटिव फिस्कल सर्विसेज के माध्यम से विनोद सिन्हा और संजय चौधरी ने करीब चार सौ करोड़ रुपए के काले धन का निवेश कई सरकारी योजनाओं में किया है।
फिर योजनाओं से लाभ दिखाया है। फिर लाभ के रुपए से थाइलैंड, सऊदी अरब और लाइब्रेरिया में निवेश किया है। कोड़ा के एक साथी वीरेंद्र मुखिया के घर से मिले दस्तावेज के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री ने शीशा बनाने वाली एक कंपनी इंडो असाही में 30 करोड़ रुपए का निवेश किया है।