पाली. कांग्रेस में निकाय चुनाव में टिकट की दावेदारी को लेकर चल रही रस्साकशी के दौरान मंगलवार को कांग्रेस भवन दावेदारों तथा उनके समर्थकों से दिनभर नारों से गूंजता रहा। जोरदार नारेबाजी के साथ पहुंचे टिकट के दावेदारों ने प्रदेश कांग्रेस के पर्यवेक्षकों के समक्ष शक्ति-प्रदर्शन किया। समर्थकों की भारी भीड़ की परेड करवाकर उनको बंद कमरों में जीत के समीकरण बताए।
सभापति पद की उम्मीदवारी के लिए कई हस्तियों ने तो अपने पक्ष में भारी भीड़ भी जुटाई। सोमवार से ही पाली में ही पड़ाव डाले प्रदेश कांग्रेस के पर्यवेक्षक रघु शर्मा व अनवर अहमद के समक्ष कांग्रेस भवन में पार्षद तथा सभापति के दावेदारों तथा उनके समर्थकों का रेला मंगलवार सुबह नौ बजे से ही उमड़ना शुरू हो गया था। दस बजे तक तो कांग्रेस भवन तथा उसके आगे रास्ते पर कार्यकर्ताओं के भारी जमावड़े के कारण पैर रखने की जगह ही नहीं बची थी।
इससे दिन भर माहौल गर्माया हुआ रहा। पर्यवेक्षकों ने पहले जिलाध्यक्ष के कक्ष में ही बैठकर दावेदारों से मिलना शुरू किया था, मगर काफी संख्या में दावेदारों की पैरवी करने वालों की संख्या को देखकर उन्होंने सभाकक्ष खुलवाया तथा वहां पर बारी-बारी से हर दावेदार के साथ चर्चा की। कई दावेदारों ने पर्यवेक्षकों को भी बायोडाटा भी दिए।
पार्षद पद की हर दूसरी सीट को महिलाओं के लिए आरक्षित करने के कारण महिलाओं में भी उत्साह नजर आया। सभापति का टिकट के लिए दावेदारी ठोंकने वाले केवलचंद गुलेच्छा, प्रदीप हिंगड़, मांगीलाल गांधी, भीमराज भाटी, मोटूभाई, चेतनसिंह झाला,मंगलाराम चौधरी, त्रिलोकचंद कवाड़, प्रतिभा संकलेचा, सज्जन धारोलिया, अजीज दर्द, साबीर खान समेत कई दावेदार भीड़ के साथ पहुंचे।
इन्होंने भी जताई दावेदारी
पहले भाजपा से पार्षद रह चुकी रामीबाई ने भाजपा छोड़कर बहुजन समाज पार्टी का दामन थामा। इसके बाद उन्होंने विधानसभा तथा लोकसभा चुनाव में बसपा के लिए प्रचार भी किया, मगर अब वे कांग्रेस से पार्षद का टिकट लेने के लिए आतूर है। उन्होंने अपने दर्जनों समर्थकों के साथ टिकट की दावेदारी पेश की।
इसी प्रकार लोकसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी शंभुसिंह खेतासर के पक्ष में दौड़ने वाली सुशीला देवी भी कांग्रेस से टिकट की दावेदार बनी है। भाजपा से टिकट का दावेदारी करने वाले पूरणमल ने कांग्रेस में भी अपना आवेदन जमा कराया है। हालांकि बाद में उन्होंने अपना आवेदन निरस्त करने की अर्जी कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपी है।
एक-दूसरे की शिकायतों का पुलिंदा थमाया
टिकट के दावेदारों ने अपना पक्ष मजबूत करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने अपने सामने टिकट के दावेदारों की शिकायतों का पुलिंदा थमाकर ऐसे लोगों को टिकट नहीं देने का आग्रह किया। कई नेता भी पर्यवेक्षकों के समक्ष विरोधियों को टिकट नहीं देने की मांग रखी तथा उनको शिकायतों के साथ समाचार पत्रों में प्रकाशित कतरनें भी सौंपीं।
पूरा परिवार ही पहुंचा
कांग्रेस में टिकट के लिए दावेदारी रखने के लिए कई तो पूरे परिवार के साथ ही कांग्रेस भवन में पहुंचे। कभी सास बहू को टिकट दिलाने के लिए नारेबाजी करती नजर आई तो किसी स्थान पर ससुर के पक्ष में बहुओं ने महिलाओं के हुजूम का नेतृत्व संभाल रखा था। कई ऐसे युवक भी शामिल थे जो महिला वार्ड से अपनी बहिन या पत्नी के पक्ष में नारेबाजी करते हुए नजर आए।
क ई बार बिगड़ा माहौल
एक ही वार्ड सें पार्षद पद की दावेदारी करने के लिए पहुंचे दावेदारों की एक-दूसरे के खिलाफ की जा रही नारेबाजी करने के लिए कई बार आपस में कार्यकर्ताओं तथा दावेदारों में आमने-सामने होने की स्थिति बन गई। दो स्थानों पर तो महिलाएं आपस में ही गुत्थम=गुत्था होने पर उतारू हो गई। वहां मौजूद वरिष्ठ नेताओं ने काफी मशक्कत के बाद उनको अलग किया।