चंडीगढ़. ‘‘मुस्लिम आखदे अल्लाह दा नूर आया, सूफी आखदे पीरां दा पीर आया, हिंदू आखदे साडा भगवान आया, शहंशाह कोई आखे फकीर आया, कर्मा मारे गरीब मजलूम आखन, साडी बिगड़ी सवारन तकदीर आया’’।
सामुदायिक केंद्र, सेक्टर-38 में मंगलवार की शाम को आयोजित कवि दरबार में कवि अमरजीत बटालवी ने गुरु नानक देव के जन्म का उक्त कविता के माध्यम से विवरण दिया। कवि दरबार का आयोजन सीनियर सिटीजंस काउंसिल चंडीगढ़ ने किया था। काउंसिल के प्रधान एस.डी. कालिया के मुताबिक श्री गुरु नानक देवजी के 541वें प्रकाश उत्सव पर ही खासतौर पर इस कवि दरबार सजाया गया।
कवि बाबू राम दीवाना, एच.एस. वालिया, भूपिंद्र बेकस ने भी अपनी कविताओं के माध्यम से गुरु नानक देवजी के जीवन के बारे में बताया। बाबू राम दीवाना ने गुरु नानक देवजी की तरफ से मुल्ला, मौलवी, नवाब की मौजूदगी में सुनाई गई ‘रुह की नमाज’ को पेशकर तालियां बटोरी। काउंसिल के जनरल सेक्रेटरी बी.आर. रंगारा ने भी ‘नानक प्यारे दा जन्मदिन आ गया’ कविता सुनाई। कवि दरबार में दो अन्य कवि थमन सिंह सैनी और जी.एम. सिंह को भी आमंत्रित किया गया था लेकिन पंजाब में मंगलवार को बस सर्विस बंद होने के कारण वे चंडीगढ़ नहीं आ सके।
इस मौके पर कवियों को स्मृति चिह्न् देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सितंबर और अक्टूबर में जन्मदिन होने पर करीब 50 सीनियर सिटीजंस का भी उन्होंने बर्थडे ग्रीटिंग्स देकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। रफी की आवाज मंे गाने वाले आर.एल. आनंद ने भी मो. रफी का गाया ‘बुरा मत सूनो, बुरा मत देखो’ गीत गाकर वाहवाही लूटी।