उज्जैन. विवि प्रशासन ने पिछले दिनों परिनियम 31 की धारा 56(1)(ए) के तहत चार कर्मचारियों को निलंबित किया था। ये निलंबित कर्मचारी शारीरिक शिक्षा विभाग के सत्यनारायण गौहर (स्वच्छक), रामचंद्र परमार (भृत्य), श्यामलाल सेन (दफ्तरी) एवं शंकरलाल जायसवाल (बुल लिफ्टर) हैं। कर्मचारियों के निलंबन से विवि के कर्मचारियों में नाराजगी व्याप्त हो गई है लेकिन कार्रवाई के डर से वे खुलकर नहीं बोल रहे हैं। कर्मचारियों की मानें तो उन्हें घास नहीं काटने पर निलंबित किया गया है। मंगलवार को कुछ कर्मचारियों ने बैठक आयोजित कर मानव अधिकार आयोग एवं उच्चशिक्षा मंत्री से विवि प्रशासन की शिकायत करने का निर्णय लिया है।
घास काटने को किया मजबूर
कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें घास नहीं काटने पर निलंबित किया गया है जबकि विवि प्रशासन ने घास काटने का ठेका दे दिया है, जिस पर ठेकेदार ने कर्मचारियों के घास काटने पर आपत्ति ली थी। जब यह बात विवि के अधिकारियों को बताई तो उन्होंने काम के प्रति लापरवाही का आरोप लगाकर निलंबित कर दिया।
कर्मचारी संघ भी साथ नहीं
कर्मचारियों के हित के लिए गठित विवि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ भी पीड़ित कर्मचारियों के साथ नहीं है जिससे कर्मचारियों के दो गुट बन गए हैं। संघ के सचिव संतोष मालवीय ने बताया कि निलंबित कर्मचारियों के मामले में विवि प्रशासन से चर्चा की जा रही है। चर्चा के माध्यम से इसका समाधान निकाला जाएगा। इसमें विरोध की कोई बात नहीं है।