उज्जैन. श्वेतांबर जैन समाज के तीन बड़े आचार्यो ने 2010 का चातुर्मास उज्जैन में करने की स्वीकृति दी है। इससे समाज में खुशी छा गई। ये घोषणा पालीताणा तीर्थ की धर्मसभा में की गई। समाज में चातुर्मास की तैयारियों का दौर जल्द शुरू होगा।
समाज का प्रतिनिधिमंडल चातुर्मास की विनती के लिए पालीताणा गया था। श्री जैन श्वेतांबर देवसुर तपागच्छ श्रीसंघ, श्री चौमुखा जिनालय आगमोद्धारक आराधना भवन सुभाषनगर की अगुवाई में सकल श्वेतांबर जैन समाज की ओर से आचार्य दौलतसागर सूरीश्वरजी की निश्रा में आचार्य नंदीवर्धनसागर सूरीश्वरजी एवं प्रवचनकार आचार्य हर्षसागर सूरीश्वरजी आदि मुनिमंडल से 2010 में उज्जैन में चातुर्मास की विनती की गई।
तपागच्छ श्रीसंघ अध्यक्ष अशोक बोहरा के अनुसार पांच साल से आचार्यश्री से विनती की जा रही थी। पालीताणा में श्वेतांबर जैन महासंघ के महासचिव वीरेंद्र कोठारी ने धर्मसभा में समाज की ओर से आचार्यश्री से विनती की। श्री शंखेश्वर पाश्र्वनाथ सागर महिला मंडल द्वारा विनती भावना गीत प्रस्तुत किया गया। इससे प्रसन्न होकर आचार्यश्री दौलतसागरजी ने आचार्य नंदीवर्धनसागरजी व आचार्य हर्षसागरजी आदि मुनिमंडल का चातुर्मास उज्जैन में करने की घोषणा की।
इसके लिए राज्यमंत्री पारस जैन और सांसद प्रेमचंद गुड्डू ने भी आचार्यश्री को विनती पत्र भेजा था। आचार्य हर्षसागरजी ने 2000 में पंन्यास प्रवर के रूप में चातुर्मास किया था। तत्पश्चात आचार्य पद प्राप्त करने के बाद पहली बार उज्जैन में चातुर्मास करेंगे।
आचार्यश्री दौलतसागरजी खाराकुआं स्थित ऋषभदेव छगनीराम पेढ़ी के वरिष्ठ संरक्षक हैं। प्रतिनिधिमंडल में बाबूलाल मारू, अजीत पगारिया, कांतिलाल संघवी, मनोहरलाल सालेचा, पारस मारू, प्रमोद जैन, हुकुम मामू, सुशील मामा, विमल जैन, विमल श्रीमाल, विजय कोठारी, राजेश बोहरा, प्रेमचंद छबड़ावाला, पारस जैन शामिल थे।