चंडीगढ़. डेरा सच्च सौदा के प्रबंधक रहे फकीर चंद के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने की जांच के लिए सीबीआई को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से मंगलवार को तीन माह का समय मिल गया। सीबीआई ने हाईकोर्ट को दी रिपोर्ट में कहा कि अब तक कि जांच इस तरफ संकेत करती है कि फकीर चंद को लापता होने से पहले डेरे में ही देखा गया था। जस्टिस एमएमएस बेदी ने मामले पर अगली सुनवाई 10 फरवरी तय की है।
अदालत में सीबीआई के वकील ने कहा कि फकीर चंद के साथ उस समय डेरे में रह रहे लोगों से पूछताछ करने के लिए तीन माह का समय दिया जाए। अब तक की जांच से अवगत कराते हुए उन्होंेने कहा कि कुल 16 लोगों से पूछताछ कर ली गई है।
गौरतलब है कि हरियाणा पुलिस की तरफ से अदालत में कहा गया था कि मामले की जांच में उन्हें ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला जिससे यह साबित होता हो कि फकीर चंद की हत्या की गई। ऐसे में उसे संदिग्ध परिस्थितियों में लापता ही माना जा सकता है। सिरसा निवासी राम कुमार बिश्नोई ने याचिका दायर कर कहा था कि दिसंबर 1991 में डेरामुखी शाह सतनाम सिंह की मौत हो गई थी।
उसी दिन से संदिग्ध परिस्थितियों में डेरा प्रबंधक फकीर चंद भी लापता है। इस संबंध में सिरसा के एसपी को भी शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। हाईकोर्ट को दी गई अज्ञात शिकायत में भी डेरा साध्वियों के यौन शोषण के आरोप के अलावा फकीर चंद की हत्या का भी जिक्र किया गया था। ऐसे में इस मामले की भी सीबीआई से जांच कराई जाए।