चंडीगढ़. बठिंडा से कांग्रेसी विधायक व डेरामुखी के समधी हरमिंदर सिंह जस्सी और पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल के बीच दिल्ली में दो दिन लगातार बैठक होने का पता चला है। हालांकि इस मुलाकात का पूरा विवरण नहीं मिल सका लेकिन कांग्रेसी हलकों में इससे भारी बेचैनी है।
किसी समय कैप्टन अमरिंदर सिंह के खासम-खास रहे जस्सी की आजकल उनसे दूरियां किसी से छिपी नही हैं। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, जस्सी ने बठिंडा की सांसद व सुखबीर बादल की पत्नी हरसिमरत कौर की कोठी पर लगातार दो दिन तक उपमुख्यमंत्री से भेंट की। कहा जा रहा है कि दोनों नेताओं ने पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात व भविष्य की अपनी रणनीति पर विचार विमर्श किया।
पंजाब में अकाली-भाजपा गठबंधन के सत्ता में आने के बाद डेरामुखी के खिलाफ सिख जत्थेबंदियों के आंदोलन शुरू करने के साथ ही जस्सी व अमरिंदर सिंह में दूरियां बढ़ने लगी थीं। डेरे का मानना था कि अमरिंदर सिंह ने इस मामले में उसका साथ नहीं दिया। राजनीतिक जानकार कहते हैं कि लोकसभा चुनाव से पहले अकाली दल ने जस्सी के जरिये ही डेरे से संपर्क साधा और उससे समर्थन का वादा लेने के बाद हरसिमरत कौर बादल को बठिंडा से मैदान में उतारा।
हरसिमरत ने यहां अमरिंदर सिंह के बेटे रणइंद्र को भारी अंतर से हराया था। अब अकाली दल वर्ष 2012 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटा है और पंजाब कांग्रेस में भी नेतृत्व बदलने की संभावना है। ऐसे में जस्सी व सुखबीर की मुलाकात अहम मानी जा रही है। हालांकि जस्सी सुखबीर से भेंट की बात स्वीकार नहीं करते। वह कहते हैं, ‘मैं दिल्ली में सुखबीर से नहीं अमरिंदर सिंह से मिला था। मैं शुरू से बादल व उनके परिवार के खिलाफ लड़ता आ रहा हूं। लोकसभा चुनाव में भी मेरे विधानसभा हलके से हरसिमरत कौर 16000 मतों से पिछड़ गई थीं।’