जयपुर. सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में आईओसी डिपो में लगी आग से चार अरब रुपए के रत्नाभूषण निर्यात पर पानी फिर गया है। उद्यमियांे ने उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए तत्काल सहायता और प्रोत्साहन प्रदान करने की मांग की है।
सीतापुरा जेम एंड ज्वैलरी इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्णा बी. गोयल ने बताया कि यहां 85 रत्नाभूषण इकाइयां कार्यरत हैं और इस क्षेत्र से लगभग 1000 करोड़ रुपए का निर्यात किया जाता है। निर्यात का मुख्य समय सितंबर से नवंबर का होता है, क्योंकि पश्चिमी देशों में क्रिसमस की खरीदारी जोरों पर होती है। इन तीन माह की अवधि में ही यहां से 400 करोड़ रुपए का निर्यात होता है, जो अब संभव नहीं हो पाएगा। उनके अनुसार इस अग्निकांड से ईपीआईपी, सेज एक और सेज दो में कार्यरत इकाइयों को अधिक नुकसान हुआ है।
एसोसिएशन की बैठक में उद्यमियों ने कहा कि बीमा कंपनियों द्वारा भुगतान की गणना का आधार मूल्यहृास के बाद का होगा, जबकि इन इकाइयों को वर्तमान बढ़ी हुई कीमतों पर पुनर्निर्माण करना होगा। ऐसे मंे सरकार और रीको को इस अंतर की क्षतिपूर्ति करनी चाहिए। उनके अनुसार इकाइयों को ऋण सुविधा मिले और ब्याज की गणना कृषि को देय ऋण के बराबर की जाए।
5 सूत्री मांगें केंद्र को भेजी
रीको कार्यालय में सरकार के प्रतिनिधि ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन के आयुक्त पुरुषोत्तम अग्रवाल के साथ सीतापुरा के उद्योगपतियों के एक प्रतिनिधिमंडल की बैठक हुई। उद्योगपति सुभद्र पापड़ीवाल ने बताया कि केंद्र से पांच मांगों के लिए एक मेमोरेंडम तैयार किया है, जिस पर सभी उद्योगपतियों की सहमति ले ली है। सीतापुरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनारायण काबरा व नरेश कंदोई ने बताया कि उनका 500 करोड़ रुपए का संपत्ति का और लगभग इतना ही तत्काल व आगामी ऑर्डरों संबंधी नुकसान हुआ है।
केंद्र से मांग
1. तुरंत राहत पैकेज की घोषणा हो।
2. आयकर, सेवाकर तथा उत्पाद शुल्क में 3 वर्ष के लिए छूट मिले।
3. इंश्योरेंस कंपनियां कोई इफ बट नहीं लगाए और तत्काल क्लेम का भुगतान करे।
4. बैंकों को भी निर्देशित किया जाए कि वे न्यूनतम ब्याज व न्यूनतम शर्त पर ऋण उपलब्ध करा दें।
5. उद्योगों को पुनस्र्थापित करने के लिए राज्य के प्रत्येक विभाग प्राथमिकता से उनके कार्यो की पूर्ति करने में मदद करें।
राज्य से मांग
1. उद्योग स्थापित करने के लिए तीन वर्ष के लिए वैट माफ किया जाए।
2. बिजली बिल में प्रथम 6 माह में 75%, अगले 6 माह के लिए 50% तथा आगे के 6 माह के लिए 25% तक की छूट दी जाए।
3. उद्योगों पर रीको की ओर से लगाए जा रहे सर्विस टैक्स सहित अन्य प्रकार के टैक्स भी माफ किए जाएं।