पटियाला. दूर संचार के माध्यम से लोगों में अपनी पहचान बनाने वाला बीएसएनएल इन दिनों घाटे में जा रहा है। वर्ष 2007—2008 में पंजाब में 35 हजार 800 करोड़ रुपए कमाने वाले बीएसएनएल को वर्ष 2009 में अभी तक मात्र 575 करोड़ रुपए की ही कमाई हुई है। इससे विभाग को रेवेन्यू में 80 फीसदी का नुकसान हुआ है। ऐसे ही हालात पटियाला के बीएसएनएल मुख्यालय के दर्ज किए हैं।
पटियाला आफिस ने अप्रैल 2009 से लेकर सिंतबर माह की तैयार की गई रिपोर्ट में कुल 6 करोड़ 26 लाख 2 हजार 248 रुपए का नुकसान होने का आंकड़ा दर्ज किया है। बीएसएनएल के पटियाला आफिस ने वर्ष 2008 के उक्त 6 महीनों में 46 करोड़ 41 लाख 27 हजार 760 रुपए कमाए थे लेकिन मौजूदा वर्ष में विभाग की कमाई 40 करोड़ 38 लाख 65 हजार 512 रह गई। करीब 13 फीसदी घाटे में जाने वाले बीएसएनएल ने सवा 6 करोड़ से अधिक की राशि का नुकसान दर्ज किया है।
इसके चलते बीएसएनएल के मुख्य आफिस ने जिला मुख्यालय को निर्देश जारी करते हुए नुकसान के प्रति आगाह किया है। यहां जो आंकड़ा दिया जा रहा है वह पटियाला मुख्यालय के अंतर्गत आती एक्सचेंज का है। आंकड़ा वर्ष 2006 से लेकर मौजूदा वर्ष 2009 के मार्च तक का है। आंकड़ों के अनुसार तीन वर्ष में बीएसएनएल ने कुल 24 हजार 667 उपभोक्ताओं को खोया है। विभाग ने शहर में एक मात्र अर्बन एस्टेट में ग्राहकों का ग्राफ बढ़ाया है।
ये हैं कारण इन्हें सुधारें : विभाग के उच्च अधिकारियों ने विभागीय कमियों पर गौर करते हुए सभी आफिसों को कमियां दूर करने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को उपभोक्ताओं की शिकायतों को तुरंत दूर करने व फिर से शिकायत आने पर गंभीरता से कार्यवाही करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके अलावा विभाग के अधिकारी वीआईपी ग्राहकों व बड़ी फर्म के मालिकों की पहचान कर निजी तौर पर बीएसएनएल की सुविधाओं के प्रति आकषिर्त करते हुए सुविधा दी जाएगी।
इसके अलावा रोजाना नगदी जमा होने वाले काउंटर में पूर्ण सावधानी बरतते हुए जिस एरिया अथवा उपभोक्ता से कम पैसा जमा होता है, उन्हें पहचान कर पूरी रकम जमा करवाने के लिए तुरंत कार्यवाही करने के निर्देश जारी हुई हैं। यही नहीं मार्किटिंग विंग को निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि प्रत्येक मुलाजिम ग्राहकों से टूटने से बचाएं व सही उपभोक्ताओं की लिस्ट तैयार करें। इसके अलावा मैकेनिज्म के तौर पर किसी भी तरह की कमी आने पर तुरंत व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश हैं।