जयपुर. सीतापुरा आईओसी तेल टर्मिनल में अग्निकांड के पांच दिन बाद भी आसपास के करीब एक दर्जन गांवों में जहरीले धुएं के कारण आंखों में जलन, सिरदर्द, त्वचा में खुजली, अस्थमा व एलर्जी से लोगों को निजात नहीं मिल पाई है।
पीड़ितों में महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग ज्यादा हैं। चिकित्सा विभाग के निशुल्क शिविरों में मरीजों का इलाज किया जा रहा है। सांगानेर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के डॉ. सुखराम शर्मा ने बताया कि आने वाले दिनों में बीमारियों के बढ़ने की आशंका है।
मास्क लगाकर घूम रहे हैं
प्रभावित क्षेत्र के लोग मास्क या मुंह पर कपड़ा बांधकर बाहर निकल रहे हैं। बीलवा निवासी शंकरलाल शर्मा ने बताया कि पिछले चार दिन से शरीर में खुजली तथा आंखों में जलन हो रही है। गांव के करीब 20 से 25 लोग प्रभावित हैं। राजकुमार शर्मा के अनुसार दो दिन से आंखों में जलन हो रही है, चिकित्सक को दिखाने के बाद कुछ फायदा हुआ है। उन्होंने बताया कि रोटरी क्लब व अन्य संस्थाएं दो दिन से निशुल्क मास्क व दवा का वितरण कर रहे हैं।
आ कांईं बीमारी आगी
विधाणी गांव के कानजी खोज ने कहा कि गांव मं आ काईं बीमारी आगी, जिसूं पूरा शरीर में खुजली चालबा लागगी तथा आंख्या में जलन तथा सांस लेबा में परेशानी होरी छ। गांव की ही कंचन ने बताया कि हाथ—पैर में अचानक से खुजली चल रही है तथा एकबार चलने के बाद रुकने का नाम नहीं लेती।
अभी भी पांच घायल भर्ती
सीतापुरा तेल डिपो अग्निकांड में घायल हुए 26 लोगों में से अब तक 21 को सवाई मानसिंह अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. नरपत सिंह के अनुसार पांच भर्ती मरीजों में से दो पॉलीट्रोमा, एक ऑथरेपेडिक्स, एक न्यूरोसर्जरी तथा जनरल सर्जरी वार्ड में भर्ती हैं।
गर्भवती महिला व बच्चें पर भी असर
महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट की अधीक्षक डॉ. विमला जैन ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को प्रदूषित हुए क्षेत्र से दूर चले जाना चाहिए। वहां लंबे समय तक रहने से महिला में अस्थमा—एलर्जी तथा गर्भ में पल रहे बच्चे पर असर पड़ सकता है क्योंकि बच्चे को ऑक्सीजन की उचित मात्रा नहीं मिल पाएगी।
धमाका सुन बेहोश हुई पूजा
धमाकों के पांच दिन बीत जाने के बाद भी लोग दहशत में हैं। प्रधानों की ढाणी, रामचंद्रपुरा निवासी पूजा शर्मा (20) को चार दिन बाद होश आया है। उसके ससुर लालचंद प्रधान ने बताया कि उस दिन शाम को हमारा पूरा परिवार बाहर चला गया था। किसी से पता लगा कि धमाके से बहू घर के बाहर बेहोश हो गई है। सूचना मिलते ही तुरंत वापस आए। एक निजी अस्पताल में दिखाने पर पता लगा कि बहू धमाके से बेहोश हुई है। इसके अलावा पास ही रहने वाली शोभा देवी का भी यही हाल हुआ।
आंख में जलन के ज्यादा मरीज
मथुरावाला निवासी कन्हैया लाल शर्मा के अनुसार गांव में आंख तथा त्वचा में जलन के मरीज बढ़ गए हैं। करीब 15 बच्चे, बुजुर्ग व महिलाएं पीड़ित हैं। मंगलवार को होम्योपैथी विश्वविद्यालय, सांगानेर की ओर से मोबाइल वैन में निशुल्क दवा बांटी गई।
बच्चें के मन में बैठा डर
धमाके के डर से 15 वर्षीय राजू तथा 11 वर्षीय के शंकर रामचंद्रपुरा छोड़कर दूसरे गांव चले गए हैं। उनके पिता रामनिवास ने बताया कि बच्चों ने जिद की कि हमें यहां नहीं रहना है।
राज्यपाल ने कहा- सरकार वैज्ञानिक उपाय करे
धुएं से फैल रहे प्रदूषण को लेकर राज्यपाल एस.के. सिंह ने चिंता जताई है। उन्होंने राज्य सरकार, राजस्थान विवि और स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपतियों से कहा है कि प्रदूषण से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में लोगों को सचेत करें। राजभवन से मंगलवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि राज्यपाल के निर्देश पर अतिरिक्त मुख्य सचिव मीनाक्षी हूजा ने मुख्य सचिव टी. श्रीनिवासन से भी कहा है कि प्रदूषण के खतरों से जन और पशुधन पर पड़ने वाले प्रभावों के वैज्ञानिक सुरक्षात्मक उपायों को अपनाया जाए।
राज्यपाल ने कहा है कि प्रदूषित वातावरण से होने वाली संभावित तकलीफों से बचाव के लिए समय रहते लोगों को सावधानियां बरतने के लिए जागरूक करना जरूरी है। इस संबंध में वैज्ञानिकों और चिकित्सकों से चर्चा करके विशेष रूप से त्वचा, आंखों, श्वसन और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से संबंधित सुझाव दिए जाने चाहिए।