दूध में मिलावट के जुर्म में दो भाइयों को कैद
भास्कर न्यूज Wednesday, November 04, 2009 03:33 [IST]  

जोधपुर. सीजेएम कोर्ट ने मिलावटी दूध बेचने वाले दो भाइयों को खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के तहत एक-एक वर्ष की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोनों पर पांच-पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। सीजेएम (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) लक्ष्मणदत्त किराडू ने हाउसिंग बोर्ड स्थित मैसर्स चौधरी डेयरी फार्म के मालिक कालू खां व दूध विक्रेता निसार को मिलावटी दूध बेचने का दोषी माना।



सहायक लोक अभियोजक सुरेश चंदन के अनुसार 6 नवंबर, 2001 को खाद्य निरीक्षक श्यामसुंदर पुरोहित ने आरोपी कालू खां की दुकान से दूध का नमूना लिया था। यह दूध कालू खां का भाई निसार विक्रय कर रहा था। सार्वजनिक विश्लेषक की रिपोर्ट के अनुसार दूध मिलावटी पाया गया।



सरकारी वकील का कहना था कि अभियुक्त खाद्य पदार्थ में मिलावट के दोषी पाए गए हैं। ऐसे पर मिलावटियों के हौसले ओर बुलंद हो जाएंगे व ऐसे ही अपराधों की पुनरावृति करेंगे। न्यायाधीश किराडू ने सुनवाई के बाद दोनों भाइयों को कठोर कारावास की सजा सुनाई।



मिलावट से जनता परेशान

मिलावट पर चिंता जताते हुए अदालत ने कहा कि प्रत्येक खाद्य पदार्थ में मिलावट का प्रयास किया जा रहा है। उधर, स्थानीय प्राधिकारी चुनींदा मामले ही पकड़ रहे हैं। ऐसे हालात में जब आरोपी के साथ यदि नरमी का रुख अपनाया जाए तो निश्चय ही आम जन का न्याय व्यवस्था से विश्वास डगमगा जाएगा। इसलिए मिलावटियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए, ताकि मिलावट करने वाले दूसरे लोगों के सामने यह उदाहरण बन सके और वे मिलावट का प्रयास नहीं करे।

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