इंदौर. आपात स्थिति से निपटने के लिए मंगलवार को मांगलिया स्थित इंडियन ऑइल के डिपो में मॉक ड्रिल की गई। इसमें सभी ने बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन आकस्मिक घटना से निपटने के प्रश्न पर तेल कंपनियों से लेकर फायर के वरिष्ठ अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए।
जयपुर स्थित तेल डिपो में अग्निकांड के बाद एहतियात के तौर पर मांगलिया के इंडियन ऑइल डिपो में सुबह पौने 12 बजे मॉक ड्रिल शुरू हुई। आपातकालीन अलार्म बजते ही सुरक्षा गार्ड मैदान में दौड़ पड़े। सुरक्षा कर्मियों को बताया गया गैस लीकेज होने से टैंक नंबर 402 में आग लग गई है।
इंडियन ऑइल के कर्मियों ने पानी और फोम से आग बुझाने का प्रयास किया। करीब पांच मिनट बाद भारत और हिंदुस्तान पेट्रोलियम का दमकल अमला भी पहुंच गया। एम्बुलेंस से घायलों को अस्पताल ले जाने का सिलसिला भी शुरू हो गया। आग बुझने ही वाली थी कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंच गईं। करीब 20 मिनट बाद स्थिति संभाल ली गई।
‘20 मिनट तो लगेंगे’
फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने कहा कि घटना की तुरंत सूचना मिलने के बाद भी उन्हें मांगलिया पहुंचने में करीब २क् मिनट तो लग ही जाएंगे। फायर एसपी बी.एल. गंधर्व ने कहा तब तक तेल कंपनियों के कर्मचारियों को ही स्थिति संभालनी होगी।
हटेंगी झोपड़ियां
झुग्गी-झोपड़ियां और पीछे खुला परिसर, ये दोनों मांगलिया डिपो के डेंजर जोन हैं। शनिवार को इंडियन ऑइल के जनरल मैनेजर सुनील दीवान और चीफ इंजीनियर मैकेनिक अशोक पचौरी ने इन दोनों का निरीक्षण किया था। वरिष्ठ डिपो प्रबंधक ए.के. ब्यौहार ने बताया झोपड़ियां हटाने की रूपरेखा बनाई जा रही है। भास्कर ने 30 अक्टूबर को ‘ताकि जयपुर न बने इंदौर’ शीर्षक से प्रकाशित खबर में इन जोन का जिक्र किया था।
हकीकत में काबू नहीं कर पाएंगे
मॉक ड्रिल की सफलता के बाद भी तीनों तेल कंपनी से लेकर फायर ब्रिगेड के अधिकारी स्वीकार रहे हैं कि आग लगने पर काबू पाना नामुमकिन होगा। हालांकि इंडियन ऑइल के वरिष्ठ डिपो प्रबंधक श्री ब्यौहार ने दावा किया कि आग से निपटने के लिए कंपनी के पास पर्याप्त पानी और फोम हैं। बड़ी घटना रोकने में हम कितने कारगर साबित होंगे, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।