अमृतसर. रजिस्ट्री कार्यालय अमृतसर टू में मंगलवार को स्थिति उस समय अजीबो-गरीब बन गई, जब पटवारी की गलती के कारण रजिस्ट्री अफसर ने कुछ रजिस्ट्रियां पंजीकृत करने से इंकार कर दिया। यहां तक कि एक पार्टी को डीसी काहन सिंह पन्नू के दरबार जाना पड़ा। डीसी के निर्देश पर बाद में इसे पंजीकृत कर दिया गया।
तुंगपाई निवासी विष्णु देव सिंह और बद्री नारायण ने संधू कालोनी, बटाला रोड निवासी अमृत लाल और न्यू प्रीत नगर निवासी रामदास से न्यू प्रीत नगर में 50 वर्ग गज का प्लाट खरीदा था। मंगलवार को वह इसकी सेलडीड के लिए रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचे। तहसीलदार गुरसेवक सिंह ने कागजात चैक करने के बाद पटवारी की गई जमीन की जमाबंदी की प्रति में इसका रकबा 7 कनाल 5 मरले लिख रहा था।
रजिस्ट्री अफसर का कहना था कि जमाबंदी में मकान लिखा है, जबकि रजिस्ट्री प्लाट की होनी है। बेचवाल और खरीदार का कहना है कि मौके पर प्लाट ही है। उन्होंने रजिस्ट्री अफसर को मौके पर जाकर तसल्ली करने को कहा, लेकिन उनका कहना था कि ऐसी रजिस्ट्रियां करना उनके अधिकार में नहीं हैं। आडिट पार्टियां इनमें रिकवरी निकाल देती हैं। इसलिए वे इन्हें जांच के लिए कलैक्टर के पास भेज देते हैं।
उधर, मामला डीसी दरबार पहुंचने पर रजिस्ट्री अफसर को मौका देखने का निर्देश जारी हो गया। तहसीलदार ने मौका देखने के बाद सेल डीड पंजीकृत कर दी। इसी तरह कुछ अन्य लोगों को भी रजिस्ट्री कराने में परेशानी हुई।