तेहरान. सब कुछ तय योजना के मुताबिक हुआ तो आने वाले दिनों में तेहरान शर से ईरान की राजधानी का दर्जा छीन जाएगा। ईरान सरकार ने राजधानी को अन्यत्र ले जाने का फैसला किया है। अधिकारियों की राय में आने वाले समय में तेहरान में बड़े भूकंपों के चलते भारी तबाही हो सकती है।
अलबुर्ज पर्वत श्रंखला की तलहटी में बसा तेहरान पश्चिमी एशिया का सबसे बड़ा शहर है। यहां की आबादी करीब एक करोड़ 20 लाख है। 1795 से ईरान की राजधानी रहा तेहरान सबसे बड़ा सांस्कृतिक व व्यावसायिक केंद है। ईरान के सर्वोच्य नेता आयतुल्ला खामनेई ने राजधानी परिवर्तन की योजना को मंजूरी दे दी है।
इसके अनुसार 2025 तक ईरान की राजधानी को नई जगह स्थापित किया जाना है। डिजाइनर एंड्रयू जोंस ने बताया कि किसी भी कारण सरकार राजधानी को किसी दूसरे स्थान पर ले जाती है तो उसके कई समझौते करने पडें़गे। तेहरान में सभी सरकारी कार्यालय व स्टाफ है लेकिन नए शहर में यह मौजूद नहीं होगा। नए शहर को असल मायने में राजधानी बनते-बनते 10 से 20 साल लग जाएंगे।
नया नहीं है यह प्रयास
राजधानी परिवर्तन का यह प्रयास इतिहास में नया नहीं है। मध्यकालीन भारत में 1327-28 में मुहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी दिल्ली से दौलताबाग स्थानांतरित की थी। हालांकि तकनीकी गड़बड़ियों के चलते उसे दोबारा से दिल्ली को ही राजधानी बनाना पड़ा। इसके बाद कुछ अन्य देशों ने भी राजधानियां बदली:-
देश बदली गई राजधानी
ब्राजील ब्राजीलिया 1961
तंजानिया डोडोमा 1973
आइवरी कोस्ट यामोसूक्रो 1983
नाइजीरिया अबुजा 1991
कजाकिस्तान अस्ताना 1997
म्यांमार नेपाइदा 2005