हांगकांग. बांग्लादेश की राजधानी ढाका में तिब्बत पर आयोजित एक फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन रुकवाने के लिए चीन द्वारा बनाया गया दबाव स्थानीय लोगों को रास नहीं आया है। बांग्लादेशी नागरिक अंदरूनी मामलों में विदेशी सरकार की दखलंदाजी से खासे नाराज हैं। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक ढांचे में इस तरह की मनमानी का हक देश की सरकार को भी नहीं है।
क्या है मामला? : चीनी दूतावास के इशारे पर बांग्लादेश पुलिस ने रविवार को एक निजी आर्ट गैलरी में आयोजित ‘तिब्बत १९४९-२क्क्९’ नामक प्रदर्शनी का उद्घाटन नहीं होने दिया। उसने लोगों को उसमें घुसने नहीं दिया, जिससे तमाम कला-प्रेमी आहत हुए। स्टूडेंट फॉर फ्री तिब्बत ने डिर्क नामक एक निजी गैलरी के सहयोग से इस प्रदर्शनी का आयोजन किया था।
चीन की पुरानी आदत : दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा रोकने के लिए भारत पर दबाव बनाने में नाकाम रहा चीन बांग्लादेश को दबाव में लेने में कामयाब रहा। जानकारों का कहना है कि यह चीन की रणनीति का हिस्सा है। अपनी बढ़ती ताकत के मद में चूर वह एशिया के अन्य देशों पर परोक्ष-अपरोक्ष रूप से दबाव बनाने की कोशिश करता रहता है।