अमृतसर. किसी समय नगर निगम का ‘कमाऊपूत’ माने जाने वाले बिल्डिंग विभाग को अधिकारियों के ‘लाड’ ने चाहे बिगाड़ दिया हो, पर अब विभागीय अधिकारियों को लाड नहीं मिलेगा। निगम कमिश्नर डीपीएस खरबंदा ने विभाग को आय बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं सीनियर टाऊन प्लानर बलकार सिंह बराड़ और म्युनिसिपल टाऊन प्लानर शक्ति भाटिया को विभाग का रिव्यू करने को कह दिया है।
विभागीय कार्यशैली का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि हाल ही में कमिश्नर के औचक निरीक्षण में एटीपीज और बिल्डिंग इंस्पैक्टर गायब मिले, जिससे उन्हें भी पता चल गया कि विभाग के कर्मचारियों का कार्यालय आने का क्या समय है। विभाग के प्रति अधिकारियों की नजर-ए-इनायत ही कहेंगे कि पिछले तीन चार माह की रिकवरी में खासा डाउनफाल आया है। लोस चुनाव से पहले से खाली रहा एमटीपी पद अब भर सका है। इतना ही नहीं विभाग को रिव्यू करने के उद्देश्य से एसटीपी का खाली पड़ा हुआ पद भी भर दिया गया है। खरबंदा ने शार्टफाल जल्द पूरा करने को कहा है।
नहीं दिख रहे शहर में हो रहे निर्माण : निगम का बिल्डिंग विभाग एकबार फिर कमाऊपूत बन सकता है। विभाग को लाखों की मासिक आय हो सकती है, लेकिन विडंबना ही कहेंगे कि रिकवरी के प्रति यह गंभीर नहीं है। इंस्पैक्टर वाइज न तो रिकवरी का कोई शैड्यूल तैयार किया जाता है और न ही कोई डेली रिपोर्ट बनाई जाती है। 2002-09 तक निर्माण में बूम का पीरियड रहा। अब भी रफ्तार चरम पर है, लेकिन विभागीय इंस्पैक्टरों को शायद दिखाई नहीं दे रहे हैं। जिसका सीधा असर निगम की आय पर पड़ रहा है।
मलाईदार सीट है, नहीं छोड़ेंगे : राजनीतिक शह पर विभाग में चल रही घालमेल का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इंस्पैक्टर ही नहीं विभाग के क्लर्क तक सालों से एक ही सीट पर कब्जा जमाए बैठे हैं। उन्हें पूछने की हिम्मत तक किसी में नहीं है। नियम के मुताबिक पब्लिक सीट पर कोई कर्मचारी 3 साल से ज्यादा नहीं ठहर सकता। इतना ही नहीं विभाग में दो सुपरिंटैंडेंटों की जरूरत है, लेकिन अधिकारियों की दादागिरी के चलते किसी को टिकने नहीं दिया जाता।