अब सुषमा के हवाले ‘मिशन कर्नाटक’
Bhaskar News Wednesday, November 04, 2009 04:14 [IST]  

नई दिल्ली. कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को हटाने से कम पर नहीं मानने की जिद पकड़े बागी रेड्डी बंधुओं को समझाने-बुझाने का जिम्मा मंगलवार को वरिष्ठ भाजपा नेता सुषमा स्वराज को सौंप दिया गया।

इस बीच, मामले में दो दिनों की माथापच्ची के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता अब यह महसूस करने लगे हैं कि पैसे का बोलबाला कहीं पार्टी की साख पर ही बट्टा नहीं लगा दे। पार्टी का मानना है कि खनन लॉबी के मुखिया रेड्डी बंधुओं के ब्लैकमेल के आगे झुकना भविष्य में महंगा पड़ सकता है।

भाजपा से जुड़े वरिष्ठ सूत्रों ने दोहराया कि मुख्यमंत्री को बदलने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उधर, दिल्ली में डेरा डाले जनार्दन रेड्डी ने मीडिया से साफ कहा कि वे नेतृत्व परिवर्तन की मांग से पीछे नहीं हटेंगे।

आलाकमान को उम्मीद: राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली की कोशिशों के बाद सुषमा ने मंगलवार को जनार्दन रेड्डी से दो बार चर्चा की। सुषमा के रेड्डी बंधुओं से करीबी संबंध बताए जाते हैं। भाजपा आलाकमान को उम्मीद है कि शायद उनके समझाने-बुझाने से संकट कुछ समय के लिए टल जाए।

मांगों की लंबी सूची: रेड्डी गुट की ओर से रखी गई मांगों की फेहरिस्त में मुख्यमंत्री को बदलने के अलावा रेड्डी बंधुओं के खिलाफ चल रहे अपहरण के मामले को बंद करना, ग्रामीण विकास मंत्री शोभा करंदलाजे को हटाना और रेड्डी गुट के औद्योगिक हितों का ध्यान रखना शामिल है।

विरोधी खेमे का पक्ष कमजोर: रेड्डी बंधुओं के अड़ियल रुख, हैदराबाद एयरपोर्ट पर उनके चार्टर्ड विमान की सघन जांच और सरकार को डिगाने के लिए विधायकों को खरीदने की चर्चाओं ने भी विरोधी खेमे का पक्ष काफी हद तक कमजोर कर दिया है। जनार्दन रेड्डी को बार-बार यह सफाई देनी पड़ी कि उनकी किसी को खरीदने की मंशा नहीं थी। बेंगलुरू के सूत्रों के मुताबिक, येदियुरप्पा और आंध्रप्रदेश के सीएम रोसैया ने रेड्डी बंधुओं के खिलाफ हाथ मिला लिया है।

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