करनाल. हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एडहाक) के प्रधान जगदीश सिंह झिंडा ने मंगलवार को डेरा कार सेवा में पत्रकार वार्ता में कहा कि सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एक नवंबर से अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की घोषणा का अपना वादा नहीं निभाया है। इसलिए जल्द ही अगली रणनीति तैयार करके सरकार के खिलाफ मोर्चाबंदी की जाएगी। जिसके बाद या तो सरकार टूट जाएगी या फिर अलग कमेटी बनेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार की वादा-खिलाफी की वजह से प्रदेश के सिखों में गहरा रोष है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस ने कमेटी का गठन किया होता तो उसे चुनावों में पूर्ण बहुमत हासिल हो जाता। इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला भी इसी वजह से सत्ता से बाहर हैं। यदि वे अलग कमेटी बनाने का वादा करते हैं तो सिख उनके साथ होंगे।
अकाल तख्त पर नहीं कोई संदेह
झिंडा ने कहा कि उन्हें अकाल तख्त पर कोई संदेह नहीं है। लेकिन पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल व मक्कड़ तख्त पर दवाब बनाकर उन्हें सजा दिलाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यदि गुरुद्वारों की सेवा करना सजा है तो वे ऐसी सजा के लिए फिर से तैयार हैं।
अकाल तख्त के जत्थेदार भी मानते हैं कि हरियाणा अलग प्रांत होने की वजह से यहां के सिखों को समानता का अधिकार मिलना चाहिए। इस अवसर पर डा. त्रिलोक सिंह, जसविंद्र सिंह, कुलवंत सिंह, बलराम सिंह सहित अन्य लोग मौजूद थे।
सरकार की मुश्किलें बढ़ेंगी
झिंडा ने कहा कि प्रदेश के गुरुद्वारों की सेवा एचएसजीपीसी के हाथ लेने को लेकर उनकी रणनीति गुप्त रहेगी। जिसके बाद एसजीपीसी और सरकार की मुश्किलें बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी को हरियाणा के सिखों का हक दे देना चाहिए। एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ यह कहकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं कि गुरुद्वारों की आमदनी से अधिक यहां पर खर्च किया जा रहा है। इस मुद्दे पर वे मक्कड़ के साथ खुली बहस करने के लिए तैयार हैं।