करनाल. करीब पांच माह पहले हुई रैगिंग के मामले को गंभीरता से न लेने व मामले में उचित कार्रवाई न करने की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पुलिस अधीक्षक करनाल को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करने को भी कहा है।
इस पर असंध पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कालेज की अन्य छात्राओं के बयान लिए हैं, जबकि पीड़ित छात्रा के बयान लेने अभी बाकी हैं। असंध के इस कालेज में पढ़ने वाली व उसी के हॉस्टल में रह रही नोएडा निवासी अंजलि ने आरोप लगाया कि 30 मई को कालेज की चार छात्राओं ने उसकी रैगिंग की थी।
उसकी जमकर मारपीट की गई जिसमें उसे गंभीर चोटें आईं। इसकी शिकायत उसने असंध थाने में उसी रात कर दी थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। मामले में कार्रवाई न होने से क्षुब्ध होकर पीड़ित अंजलि ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया। छात्रा की शिकायत को आयोग ने गंभीरता से लिया और करनाल पुलिस अधीक्षक को नोटिस भेजकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मिल रहीं हैं धमकियां
दैनिक भास्कर से फोन पर बातचीत में अंजलि ने आरोप लगाया है कि उसे व परिजनों को अभी भी फोन पर धमकियां मिल रहीं हैं। इसमें कालेज प्रबंधन से जुड़े लोग कहते हैं कि कोई कार्रवाई मत करो। चुप बैठ जाओ वरना ठीक नहीं होगा। हमारा कुछ नहीं होगा। इस कारण उसके परिजन दहशत में हैं।
आयोग का पत्र मिला है। पुलिस गंभीरता से मामले की जांच कर रही है। कालेज की अन्य छात्राओं के बयान दर्ज किए गए हैं। अंजलि के बयान भी लिए जाएंगे। यदि रैगिंग हुई तो आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी। - सुरेंद्र सिंह राणा, डीएसपी असंध