भोपाल. अब बिना परमिट वाहन चलाने वालों की खैर नहीं। पकड़े जाने पर ऐसे वाहन संचालकों को उस महीने का परमिट टैक्स तो जमा ही करना पड़ेगा, साथ ही टैक्स की दोगुनी राशि जुर्माने के रूप में वसूल की जाएगी। परिवहन विभाग द्वारा आरटीओ को इस तरह के निर्देश हाल ही में जारी किए गए हैं।
उधर, इस तरह का प्रावधान होने से आशंका जताई जा रही है कि अब किराए पर वाहन उपलब्ध करवाने वाले संचालक आम लोगों से और ज्यादा पैसा वसूल करेंगे। हालांकि आरटीओ के अधिकारी इस बात से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि जब भी कोई व्यक्ति किसी ट्रेवल एजेंट या संचालक से उसका वाहन किराए पर लेता है, तो परमिट की दर के हिसाब से वह पैसा पहले ही लेता है। नए संशोधन से सिर्फ इतना फर्क पड़ेगा कि वह बिना परमिट के अपना वाहन किसी को किराए पर नहीं दे सकेगा, जिससे सरकार को मिलने वाला राजस्व भी मिलता रहेगा।
इस तरह होगा जुर्माना
मान लीजिए कोई बस भोपाल और बैरसिया के बीच संचालित होती है और उससे 4672 रुपए प्रतिमाह परमिट टैक्स के रूप में आरटीओ लेता है। यदि यह बस बिना परमिट चलते हुए पकड़ी जाती है तो संचालक को 4672 रुपए टैक्स के तो देने ही पड़ेंगे, जुर्माने के रूप में इसकी दोगुनी राशि यानी 9,344 रुपए भी भरने पड़ेंगे। इस प्रकार कुल 14,016 रुपए जमा करने के बाद ही बस संचालक अपनी गाड़ी को दोबारा संचालित कर सकेगा। यह नियम प्रत्येक सवारी गाड़ी पर लागू होगा।
परिवहन विभाग के निर्देश पर बिना परमिट चलने वाले वाहनों से जुर्माना वसूला जा रहा है। अभी तक ऐसे तीन वाहन ही पकड़ में आए हैं।
आरआर त्रिपाठी, आरटीओ