नई दिल्ली. भारत की सभी एयरलाइंसों में महिला एयर होस्टेस की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग एक नया दिशा निर्देश जारी करेगा। यह जानकारी महिला आयोग की अध्यक्ष गिरिजा व्यास ने भास्कर से खास बातचीत में दी।
महिला आयोग के सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में अलग-अलग विमानों के एयर होस्टेस से छेड़छाड़ के मामलों मे आई तेजी के कारण महिला आयोग ने यह कदम उठाया है। इसमें छेड़छाड़ के मामलों को काफी गंभीरता से लेने पर जोर दिया गया है। दिशा-निर्देश में दोषी को कड़ी से कड़ी सजा का भी प्रावधान किया जा रहा है।
ध्यान रहे कि पिछले एक महीने में विमान के एयर होस्टेस से छेड़छाड़ के कई मामले सामने आए हैं। शारजाह से दिल्ली आ रहे एयर इंडिया के विमान में एक एयर होस्टेस से पायलटों पर छेड़छाड़ का मामला सामने आया। इसके बाद दुबई-हैदराबाद के विमान में भी एक यात्री ने एयर होस्टेस से छेड़छाड़ की कोशिश की थी। नया मामला अलाएंस एयर का है जिसमें एक पूर्व एयर होस्टेस सिमरन चोपड़ा ने कैप्टन देवी शरण पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।
उड्डयन क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि नए दिशा निर्देश के बावजूद छेड़छाड़ के मामलों में कमी आना मुश्किल ही लगता है। यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ के पिछले मामलों में आरोप-प्रत्यारोप लगते रहे हैं। एयर इंडिया और अलाएंस के छेड़छाड़ मामलों में आरोपों को खारिज कर दिया गया था।
एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि नए निर्देर्शो की उतनी आवश्यकता नहीं जितनी पुराने निर्देशों को सही ढंग से लागू करने की है। अधिकारी का कहना है कि पहले से ही एयर होस्टेस यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ को अपना हथियार बनाती रही हैं, नए दिशा निर्देशों में इसके गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने का भी प्रावधान होना चाहिए। झूठे आरोप लगाने वाली महिलाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भी प्रावधान हो तो बेहतर होगा।