नई दिल्ली. सरकारी दावे चाहे कुछ भी हों, महंगाई है कि थमने का नाम ही नहींले रही। हालत यह है कि दामों में लगी आग को देख सरकार के होश उड़े हैं। बेतहाशा मूल्य वूद्वि से घबराई दिल्ली सरकार ने बुधवार शाम कैबिनेट की आपात बैठक बुलाकर महंगाई को काबू करने के उपायों पर चर्चा की। हालांकि यह चर्चा महज मदर डेयरी के जरिए आटा बेचने की योजना तक सिमट कर रह गई।
गौरतलब है कि आटे के दाम पिछले एक महीने में 20 फीसदी बढ़ गए हैं। इससे पहले सरकार मदर डेयरी बूथों दाल बेचने का फैसला भी ले चुकी है। अरहर समेत पांच दालें मदर डेयरी बूथों पर बेची जा रही हैं।
सरकारी के सूत्रों का कहना है कि मदर डेयरी बूथों पर मिलने वाले आटे की कीमत 14 रुपये प्रति किलोग्राम हो सकती है। सरकार का कहना है कि इस बारे में वे आटा बेचने वाले थोक व्यापारियों से संपर्क करेगें। सरकार का कहना है कि यदि व्यापारी सहमति दे तो आटे का भाव और भी सस्ता हो सकता है। गौरतलब है कि खुला आटा खुदरा बाजार में फिलहाल 16-17 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है। वहीं सील पैक ब्रांडेड आटे का मूल्य 20 से 25 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है।
विपक्ष ने सरकार के इस फैसले बेईमानी बताया है। दिल्ली में खाद्य पदार्थो की कीमतों में महज एक महीने में 20 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। कुछ महीने पहले तक 27 रुपए प्रति किलो मिल रही चीनी की कीमत आज 38-40 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है। अरहर दाल का तो सरकारी रेट ही 75 रुपए प्रति किलोग्राम तय कर दिया गया है। सरकार इसी रेट पर मदर डेयरी में दाल बेच रही है। फलों की कीमतें तो पूरी तरह आम आदमी की पहुंच से बाहर निकल गई है।
एक दर्जन केले के लिए 35 से 40 रुपए अदा करने पड़ रहे हैं, तो सेब का भाव ६क् रुपए से शुरू होकर 150 रुपए तक है। सब्जियां खरीदने से पहले ही आम आदमी के हाथ-पांव फूलने लगते हैं। इस सीजन में सस्ती मिलने वाली फूलगोभी 35 रुपए प्रति किलो तो बंद गोभी 24 रुपए प्रति किलो है। बढ़ती मंहगाई को देखते हुए शीला सरकार ने अब आटा बेचने का फैसला लिया है।
सरकार का कहना है कि जल्द ही यदि आटे की कीमतें काबू नहीं आई तो दिल्ली में बाजार से सस्ती कीमत पर आटा बेचा जाएगा। यह आटा मदर डेयरी के बूथों पर बेचा जाएगा। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के मुताबिक आटा 5 व 10 किलोग्राम के पैक में बेचा जाएगा।