पांच फुट गहरे गडढ़े ने ली दो मासूमों की जान
Bhaskar News Wednesday, November 04, 2009 06:36 [IST]  

सोनीपत. बहालगढ़ रोड श्रीनगर कालोनी की खान बस्ती में दो मासूम बच्चे गंदे पानी को एकत्र करने के लिए बने गड्ढे में गिरने से मौत की आगोश में पहुंच गए। साजिद के दोनों बच्चे सोमिन (2) व सोहीन (4) बस्ती की खाली जमीन में खेल रहे थे कि वे गड्ढे के करीब पहुंच गए।



जब पता चला तब तक देर हो चुकी थी। इस घटना से खान बस्ती में मातम का माहौल है। बस्ती में स्थित घरों में गंदे पानी को खुले में न डाला जाए, इस कारण मोहल्ले वालों ने खुले में पांच फीट गहरा गड्ढा बनाया हुआ है, जिसमें घरों का गंदा पानी खुले में न जाकर गड्ढे में एकत्र होता रहे।



सर्विस स्टेशन में काम करने वाले साजिद अपने काम पर गया था। बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। दोनों बच्चे कब गड्ढे के निकट पहुंच गए किसी को पता नहीं चला। दोनों बच्चे अचानक गड्ढे में गिर गए। छोटे होने के कारण दोनों बाहर नहीं निकल पाए। इस बीच उनके चचेरे भाई महताब ने दोनों को गड्ढे में बेसुध पड़ा देख लिया।



शोर मचाने पर लोग एकत्र हो गए व परिवार के लोग दोनों बच्चों को लेकर निकट ही स्थित सिविल अस्पताल में पहुंच गए, जहां डाक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। खान बस्ती में इस घटना के बाद लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। साजिद के चार बच्चे थे, जिनमें से यह दोनों छोटे थे।



बड़े बच्चों में साहिल (5) व सबीना (6) हैं, वह घर पर थे। वहीं खुले में पानी डालने से मच्छरों की फौज तैयार होती है, जिससे लोग बीमार होते हैं, पर गड्ढ़ा करने से आज यह हादसा हो गया। लोगों में जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों के प्रति भारी रोष है।



काश! क्षेत्र में सीवर व्यवस्था होती



सन् 2004 में वैध हुई श्रीनगर कालोनी में यदि सीवर व्यवस्था होती तो खान बस्ती के लोगों को घरों का गंदा पानी ठिकाने लगाने के लिए गड्ढे का सहारा नहीं लेना पड़ता। सीवर व्यवस्था होने से इस तरह का हादसा नहीं होता। यहीं नहीं शहर के दो दर्जन से भी अधिक वैध कालोनियों में आज तक सीवर व पानी की व्यवस्था नहीं है।



जबकि उन्हें वैध हुए पांच साल से अधिक का समय हो चुका है। स्थानीय लोगों में रामकंवार, सुरेश ठाकुर, मोमिन व रोबिन आदि लोगों ने बताया कि बस्ती में मध्यम वर्ग के परिवार रहते हैं। जो कालोनी में सीवर व पानी व मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था के लिए बार-बार अधिकारियों के द्वार नहीं खटखटा सकते। इसी कारण प्रशासन ने भी यहां की कभी भी सुध नहीं ली।

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