हवलदार को एसआई ट्रेनिंग पर भेजा
अभिषेक रावत Wednesday, November 04, 2009 06:44 [IST]  

नई दिल्ली. अदालत की अवमानना का डर का क्या होता है, यह कोई दिल्ली पुलिस कमिशनर युद्धवीर सिंह डडवाल से पूछे। यही कारण है कि उन्होंने अवमानना के मामले में बुधवार को अदालत के सामने पेशी से बचने के लिए आनन-फानन में एक हवलदार को बगैर मेडिकल जांच के ही सब इंस्पेक्टर (एसआई) की ट्रेनिंग पर भेज दिया।



दरअसल केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) नेदिल्ली पुलिस के एक हवलदार की अपील को सही ठहराते हुए एसआई पद पर चयनित करने का आदेश दिया था। आदेश को अनुसना किए के बाद कैट ने पुलिस कमिश्नर को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था।



जानकारी के अनुसार जैनेन्द्र कुमार पाराशर दिल्ली पुलिस में हवलदार है। वर्ष 2007 में दिल्ली पुलिस में एसआई पद के लिए 692 नियुक्तियां निकली थीं। इनमें से 69 पद दिल्ली पुलिस के कर्मियों के लिए आरक्षित थे। इनमें से 36 साधारण(जनरल) श्रेणी के लिए थी। जैनेन्द्र ने साधारण श्रेणी के तहत एसआई पद की प्रतियोगी परीक्षा में भाग लिया। उसके 121 अंक आए जबकि योग्यता अंक 123 रहे। जैनेन्द्र का नम्बर लिस्ट में 44वें स्थान पर रहा। जो 36 कर्मी एसआई पद के लिए चयनित हुए उनमें से चार उम्मीदवार ऐसे निकले जो वर्ष 2004 की एसआई परीक्षा भी पास कर चुके थे लेकिन उन्होंने ट्रेनिंग नहीं की थी।



इन चारों उम्मीदवारों ने वर्ष 2004 बैच के तहत ही दिल्ली पुलिस को ज्वाइन किया। दो उम्मीदवार ऐसे रहे जिन्होंने अन्य जगहों पर चयनित होने के चलते एसआई के पद को छोड़ दिया। एक उम्मीदवार ऐसा पाया गया जिसने ओबीसी का झूठा सर्टिफिकेट लगाया था और एक ऐसा था जिस पर भ्रष्टाचार का मामला लंबित था।



इन दोनों की उम्मीदवारी भी संदिग्ध बन गई क्योंकि दोनों के खिलाफ विभागीय जांच चल रही थी। कुल मिला कर नौ पद रिक्त हो गए। इस बात का पता लगने पर जैनेन्द्र ने अपने वकील अनिल सिंघल के द्वारा अप्रैल 2009 में कैट में यह अर्जी लगाते हुए सारे हालातों से अवगत कराया और बताया कि लिस्ट के अनुसार से वेटिंग में उसका आठवां स्थान है।



अब नौ पद खाली हो चुके हैं और इस हिसाब से उसका चयन होना चाहिए। कैट ने आदेश दिया कि ओबीसी व भ्रष्टाचार वाले दोनों उम्मीदवारों के हटने पर जैनेन्द्र को चयनित किया जाए। इस दौरान विभागीय जांच में ओबीसी व भ्रष्टाचार वाले दोनों पुलिस कर्मियों को दोषी पाया गया और उनका हटना तय माना गया।



सितंबर में जैनेन्द्र के वकील अनिल सिंघल ने कैट में दोबारा से यह जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्ष 2009 बैच के एसआई की ट्रेनिंग 29 सितंबर को शुरू होने वाली है और जैनेन्द्र का चयन जल्द किया जाए। कैट ने आदेश देते हुए दिल्ली पुलिस से कहा कि 15 दिनों के भीतर ही जैनेन्द्र का चयन किया जाए और उसे 2009 बैच के साथ ही ट्रेनिंग पर भेजा जाए। लेकिन दिल्ली पुलिस ने कैट का आदेश नहीं माना और उस पर कोई गौर नहीं किया।



15 अक्टूबर को इस बाबत अदालत की अवमानना के तहत कैट में अर्जी डाली गई जिस पर गौर करते हुए कैट ने आदेश दिया कि 18 अक्टूबर तक जैनेन्द्र को नियुक्त किया जाए। यह आदेश भी दिल्ली पुलिस ने अनसुना कर दिया। 27 अक्टूबर को फिर से अदालत की अवमानना के तहत अपील की गई जिस पर कैट ने 4 नवंबर (बुधवार) को दिल्ली पुलिस आयुक्त वाईएस डडवाल को कैट के समक्ष पेश होने का आदेश दिया। इस आदेश के आते ही डडवाल ने तुरंत ही जैनेन्द्र को एसआई पद के लिए चयनित कर लिया। इस दौरान 31 अक्टूबर, 1 व 2 नवंबर को अवकाश के चलते जैनेन्द्र का मेडिकल भी नहीं हो सका। इसके बावजूद उसे ट्रेनिंग में शामिल कर लिया गया।

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