पानीपत. नगर परिषद के सुस्त रवैए का शिकार एक बार फिर से शहरवासियों को होना पड़ा है। नगर परिषद की महत्वाकांक्षी योजना कूड़ा निस्तारण योजना फाइलों में गुम हो चुकी है। किसी को कुछ भी अता-पता नहीं है।
अधिकारी कहते हैं कि प्रोजेक्ट पास हो चुका है, लेकिन ग्रांट न मिलने की वजह से लटका है। वहीं, पार्षदों का आरोप है कि अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इसी वजह से यह कार्य भी लटका हुआ है।
22 करोड़ का था प्रोजेक्ट
योजना के तहत 22 करोड़ रुपए की लागत से निंबरी गांव में कूड़ा निस्तारण का प्लांट लगना था। प्लांट में पूरे शहर का कूड़ा आना था। उसके बाद उसका निस्तारण कर जैविक खाद बनाना था। करीब तीन साल पहले इस योजना को सिरे चढ़ाने की कोशिश की गई थी।
यह होना था फायदा
कूड़ा निस्तारण योजना के बाद शहर में कूड़े का नामो-निशान नहीं रहता। पूरा शहर चकाचक रहता। इसके अलावा जैविक खाद बनने से नगर परिषद की आय में वृद्धि भी होती। इससे शहर का विकास प्रभावित नहीं होता।
यहां है रोड़ा
कूड़ा निस्तारण योजना की लागत 22 करोड़ रुपए आनी है। लेकिन नगर परिषद इसके लिए ग्रांट नहीं पास करवा पा रहा है। तीन साल हो गए, लेकिन अभी तक ग्रांट लटकी हुई है। अगर ग्रांट आती तो शायद प्रोजेक्ट में इतनी देर नहीं लगती।
बस ग्रांट का इंतजार
प्रोजेक्ट पास हो चुका है लेकिन ग्रांट नहीं आ पा रही है। जगह का चुनाव हो चुका है। जैसे ही ग्रांट आएगी वैसे ही कार्य शुरू हो जाएगा। - ईश्वर वर्मा, एमई, नगर परिषद
अफसरों की मिलीभगत
अफसर प्रोजेक्ट को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। कूड़े की स्थिति गंभीर होती जा रही। कूड़ा उठवाने में भी मिलीभगत है। इसकी जांच हो। - हरीश शर्मा, पार्षद, वार्ड नंबर 6