पानीपत. 1984 के दंगों में न्याय न मिलने पर सिख संगठनों द्वारा किए गए उग्र प्रदर्शन के चलते मंगलवार को दिनभर पंजाब जाने वाली बसें और ट्रेनें प्रभावित रहीं। पानीपत डिपो से पंजाब जाने वाली सात बसो को रद्द कर दिया गया। दर्जनों ट्रेनें भी लेट रहीं। इसके चलते सैकड़ों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रेल और बस सर्विस बंद होने के चलते यात्री दिनभर भटकते रहे।
दिल्ली-चंडीगढ़ के बढ़ाए फेरे
पंजाब में बस न जाने से होने वाले नुकसान की पूर्ति करने के लिए दिल्ली-चंडीगढ़ बसों के फेरे लगवाए गए। पानीपत डिपो की सात बसों को इसी मार्ग पर चलाया गया। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि बसों को डिपो में खड़ा रखने की बजाय मार्ग पर चलाना बेहतर है। पंजाब में बस न जाने से हुए नुकसान की पूर्ति के साथ दिल्ली-चंडीगढ़ जाने वाले यात्रियों को भी सुविधा मिली है।
एक बस चढ़ गई थी भेंट
विगत माह पंजाब में विरोध की आग में पानीपत डिपो की एक बस जला दी गई थी और एक अन्य बस के शीशे तोड़ दिए गए थे। पानीपत डिपो की दो अन्य बसें दो दिन तक पंजाब में फंसी रहीं। रोडवेज अधिकारियों ने कहा कि पिछली बार हुए विरोध में पंजाब के फगवाड़ा में एक बस जला दी गई थी। अमृतसर में एक अन्य बस के शीशे तोड़ दिए गए थे।
यात्री पूरा दिन रहे बेहाल
रेल और बस मार्ग बाधित होने से पूरा दिन यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पानीपत से लुधियाना व्यापार के सिलसिले में जाने वाले यात्री अमित मक्कड़, लुधियाना जा रहे यात्री हरीश और कपिल ने कहा कि रेल, बस न चलने से पूरा दिन डिपो और रेलवे स्टेशन के चक्कर काट रहे हैं।
ट्रेनें भी प्रभावित
पंजाब बंद के कारण रेल यातायात भी बुरी तरह से प्रभावित रहा। बंद के कारण चार ट्रेनें लेट रहीं, जबकि एक ट्रेन को कैंसिल कर दिया गया। स्टेशन अधीक्षक धीरज कपूर ने बताया कि मंगलवार को रेल यातायात काफी हद तक बाधित रहा। इसके चलते स्टेशन पर यात्रियों की काफी भीड़ रही।
ध्यान जरूरी
मंगलवार को पंजाब में हुए विरोध प्रदर्शन के चलते इस तरफ जाने वाली बसों को रद्द कर दिया गया। यात्रियों को कुछ परेशानी जरूर हुई है। यात्रियों को सुविधा देने के साथ रोडवेज की संपत्ति का ध्यान भी रखना जरूरी है। पंजाब जाने वाली बसों को दिल्ली-चंडीगढ़ चलाया गया है। - रामकुमार कार्यकारी महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो