‘नहीं चाहिए एसपीओ की नौकरी’
Bhaskar News Wednesday, November 04, 2009 07:06 [IST]  

Rukhsana नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर की बहादुर लड़की का खिताब पाने वाली रुखसाना कौसर केन्द्र सरकार से नौकरी चाहती है। जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा उसकी बहादुरी के लिए रुखसाना, उसके भाई एजाज अहमद और चाचा वकाल हुसैन को विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) बनाए जाने को वह पर्याप्त नहीं मानती है। वह इस नौकरी को नहीं करना चाहती है।



उसकी मांग है कि उसे किसी भी अर्धसैनिक बल में नौकरी दी जाए ताकि वह आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ लड़ सके। इसके साथ ही अब उसे अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। 28 अक्टूबर को राजौरी जिले स्थित शाहदरा शरीफ गांव में उसके घर पर हुए आतंकी हमले के बाद उनकी चिंता और बढ़ गई है।



रुखसाना मंगलवार को अपने परिवार के साथ दिल्ली पहुंची। रुखसाना के साथ उनके पिता नूर अहमद, मां रशीदा बेगम, भाई एजाज अहमद और मौसेरी बहन नाजिया भी थीं। उसने कहा कि केन्द्र सरकार उसे और उसके भाई को अच्छी सरकारी नौकरी दे।



जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा महज उसे एसपीओ पद पर नियुक्त किया जाना पर्याप्त नहीं है। वह इस नौकरी को नहीं करना चाहती। उसका कहना है कि वह एक अस्थाई पुलिसकर्मी की नौकरी नहीं चाहती, जिसे प्रतिमाह वेतन के रूप में 3000 रुपए मिले। वह एक स्थाई नौकरी चाहती हैं और केन्द्र सरकार को उसकी मांग पूरी करनी चाहिए। उसका कहना है कि वह अपने परिवार के साथ राजौरी में नहीं रहना चाहती है, क्योंकि उनके परिवार की जान को खतरा है।



आतंकवादी उसके परिवार को खत्म करना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से उन्होंने 28 अक्टूबर की रात उनके मकान पर ग्रेनेड से हमला किया। इस घटना के बाद वह काफी भयभीत है। उसका कहना है कि भले ही उनकी सुरक्षा के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा उन्हें एसओजी के पांच और एसपीजी के पांच जवान तैनात किए गए हैं, लेकिन वह भी कम हैं। अगर उनकी सुरक्षा में 20 जवान भी तैनात किए जाएं, तो भी आतंकवादी अपने मकसद को पूरा कर सकते हैं।



रुखसाना को नौकरी और सुरक्षा दे केंद्र सरकार : बिट्टा



ऑल इंडिया एंटी टेरेरिस्ट फ्र ंट के अध्यक्ष मनिंदर जीत सिंह बिट्टा का कहना है कि रुखसाना और उसके परिवार की मांग जायज है। केंद्र सरकार को उसे अर्धसैनिक बल में नियुक्ति दी जाए। रुखसाना की बहादुरी के लिए उसे और उसके परिजनों को एसपीओ बनाया जाना सम्मानजनक नहीं है। इसके अलावा रुखसाना के परिवार की सुरक्षा भी एक गंभीर मुद्दा है। सरकार को इस मामले में गंभीरता बरतनी चाहिए। उनका कहना है कि आतंकवाद की खिलाफत करने वाली भारतीय जनता पार्टी रुखसाना और परिवार का साथ क्यों नहीं दे रही। उन्हें इनका साथ देना चाहिए।

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