चारों तरफ डेंगू-मलेरिया के अड्डे
भास्कर न्यूज Wednesday, November 04, 2009 07:24 [IST]  

रायपुर. राजधानी में हर तरफ डेंगू-मलेरिया फैलने का इंतजाम है। शहर की खस्ताहाल सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए निगम प्रशासन के पास किसी तरह की कार्ययोजना नहीं है। निगम के नए कमिश्नर ओमप्रकाश चौधरी ने सबसे पहले सफाई ठेकेदारों की क्लास ली थी। लेकिन हफ्तेभर बाद भी सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है।



शहर में डेंगू की पुस्टि के बाद दैनिक भास्कर टीम ने मंगलवार को सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। टाटीबंध से लेकर तेलीबांधा तक और पचपेढ़ीनाका से गुढ़ियारी तक लगभग सभी वार्डे के नुक्कड़ों समेत सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी के ढेर बदबू फैला रहे हैं। निचली बस्तियों का आलम तो इससे भी बुरा था। गुढ़ियारी की रामनगर, बूढ़ातालाब के निचले इलाके और टाटीबंध व हीरापुर की निचली बस्तियों के घरों के अंदर मच्छरों का आतंक है।



इन इलाकों में मच्छरों का प्रकोप इतना अधिक है कि लोगों का सोना तक मुहाल हो गया है। रजबंधा मैदान में प्रेस काम्पलेक्स की ओर से मौदहापारा रोड जाने वाले नुक्कड़ का कचरा पिछले कई महीनों से नहीं उठाया गया है। देवेंद्रनगर की रेलवे पटरी के आगे के नुक्कड़ का कचरा पता नहीं कब उठता है। टाटीबंध के ट्रांसपोर्ट नगर में दुकान के बाहर पड़े नए व पुराने टायरों के अंदर गंदे पानी में मच्छरों के लार्वा पनप रहे हैं।



धूल खा रहीं मशीनें



नगर निगम की न तो फागिंग मशीनें चल रही हैं और न ही एंटी लार्वा अभियान चल रहा है। नालियों में पानी जमा होने के कारण मच्छरों की संख्या दिनों दिन बढ़ रही है। नालियों में दवा का छिड़काव करने के लिए नगर निगम ने अब तक कंपनी का चयन भी नहीं किया गया है। इसकी वजह से पूरे शहर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। एंटी लार्वा, एंटी एडल्ट अभियान वार्डे में अभी तक शुरू नहीं हो सका है।



निगम के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि छोटे पैमाने पर टीम बनाकर सफाई कराई जा रही है। दूसरी ओर एमआईसी स्थगित होने के कारण 15 सितंबर से शुरू होने वाले मच्छर मार अभियान में दो महीने की देरी हो गई है। स्वास्थ्य अधिकारी अमृत चोपड़ा का कहना है कि ठेकेदार के माध्यम से शहर भर में फागिंग की जाती है। पिछले साल टेंडर पास होने के बाद ठेकेदार ने एक बड़ी मशीन व 6 छोटी मशीन से शहर के 70 वार्डे में फागिंग, एंटी लार्वा व एंटी एडल्ट का छिड़काव किया था।



ठेका होते ही इसे वृहद पैमाने पर शुरू किया जाएगा। फागिंग मशीन और मच्छर मार ट्रीटमेंट का हर माह का बजट लगभग साढ़े 12 लाख रुपए का है। लेकिन ठेके का नए सिरे से टेंडर नहीं होने के कारण मशीनें धूल खाते पड़ी हैं।



फैल रहा मलेरिया



आंबेडकर अस्पताल में डब्लयूआरस, रामनगर, कोटा और गुढ़ियारी सहित अधिकांश निचली बस्ती के इलाकों से मरीज भर्ती हो रहे हैं। मेडिसिनि विभाग के एचओडी डा. जीबी गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में मलेरिया के हर रोज दस से 15 मरीज आ रहे हैं। वार्डे में भी आठ से दस मरीज भर्ती हैं।



लोग हो रहे परेशान



श्याम नगर के सुशील बालानी ने बताया कि घर के सामने की नालियां महीनों से साफ नहीं हुई हैं। इसके कारण शाम में घर में घुसने वाले मच्छर अब दिन में भी परेशान करने लगे हैं। देवेंद्रनगर के गगन ढिल्लन ने बताया कि नालियों के साथ ही साथ सड़कों की सफाई भी नहीं हो रही है। इस कारण मच्छरों के साथ सड़क की धूल भी घर के अंदर आ रही है।



लाखों बर्बाद कर रहा निगम



निगम के नेता प्रतिपक्ष कुलदीप जुनेजा का कहना है कि सफाई व्यवस्था ठप होने के कारण मच्छरों की तादाद बढ़ गई है। दूसरी ओर एंटी लार्वा डालने वाले कर्मचारी भी रेगुलर नहीं आते हैं। हर महीने लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी शहर में मच्छरों की तादाद कम होने के बजाए बढ़ ही रही है।



मच्छर मार अभियान का टेंडर एमआईसी में अटका हुआ है। एमआईसी स्थगित होने के कारण ही एक माह की देरी अभियान शुरू करने में हो गई है। मंगलवार को एमआईसी की प्रत्याशा में टेंडर पर साइन कर दिया गया है। कुछ दिन के अंदर ही फागिंग मशीन और एंटी लार्वा, एंटी एडल्ट अभियान शहर के हर वार्ड में शुरू कर दिया जाएगा। - ओमप्रकाश चौधरी, कमिश्नर नगर निगम

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