बीकानेर. नहर क्षेत्र का दौरा कर बीकानेर पहुंचे जल संसाधन सचिव रामलुभाया ने मंगलवार को पत्रकारों के सामने स्वीकार किया कि सरकार ने दो बारी का पानी उपलब्ध होते हुए भी रिस्क लेकर संभावना के आधार पर तीन बारी पानी देना तय किया।
तीसरी बारी के लिए लगभग 75 हजार क्यूसेक की और जरूरत है। हालांकि पूरी उम्मीद है कि इस बीच मावठ की बारिश हो जाने से एक बार पानी की कमी पूरी हो जाएगी और फसल पक जाएगी मगर ऐसा नहीं हुआ तो पंजाब या अन्य प्रदेशों से पानी की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए अभी से बातचीत शुरू कर दी गई है।
राज्यों के जल बंटवारे में राजस्थान को मिल रहे कम हिस्से के मुद्दे पर उन्होंने कहा, इस संबंध में न्यायालय में भी मामले चल रहे हैं और अंतरराज्यीय वार्ताएं भी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूरे मामले से प्रधानमंत्री को भी अवगत करवाया है और वे इसे गंभीरता से ले रहे हैं।
टेल के किसानों को पूरा पानी नहीं मिल पाने की वजह चोरी मानते हुए उन्होंने कहा, जितना पानी उपलब्ध है उसमें हर व्यक्ति को उसका पूरा हक मिलेगा। इसके लिए नहरों के रख-रखाव के साथ ही सतर्कता बढ़ा दी गई है। पानी चोरी के 168 मामले रिपोर्ट हुए हैं। इन मामलों में एफआईआर करवाने के साथ ही पानी का इस्तेमाल करने के साथ ही सिंचाई जल निकास अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। अवैध साइफन या आउटलेट के लगभग पांच सौ मामलों में न्यायालय से स्थगनादेश हैं। विभाग के अधिवक्ताओं को निर्देशित किया गया है कि ऐसे मामलों में एक्ट के अनुरूप मजबूती से पक्ष रखते हुए स्थगनआदेश खारिज करवाने का प्रयास करें।
पानी के लिए चल रहे आंदोलन संबंधी प्रश्नों पर उन्होंने कहा, नहर में उपलब्ध और वितरण किए जा रहे पानी के सिस्टम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वर्ष 2005 में किसान आंदोलन के दौरान हुए समझौते के समय से यही सिस्टम चल रहा है। प्रथम और दूसरे चरण के किसानों को बांध से ही सीधे 58 और 42 फीसदी पानी का बंटवारा देना व्यवहारिक नहीं है।
वर्ष 2004 की स्थितियों से वर्तमान में उपलब्ध पानी की तुलना करने पर उन्होंने कहा, यह कहना गलत है कि पांच साल पूर्व भी इतने ही पानी में छह बारी पानी उपलब्ध करवाया गया था। उस वक्त अक्टूबर से ही बारिश होने लगी थी और पानी की अच्छी आवक थी। इससे इतर इस साल अब तक बर्फ भी नहीं पिघल रही है। इससे पूर्व सचिव रामलुभाया ने संभाग के नहर अधिकारियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों की मीटिंग ली। नहर में पानी चोरी रोकने के संबंध में उन्होंने जिला कलेक्टर श्रेया गुहा और एसपी एच.जी.राघवेन्द्र सुहासा से भी जानकारी ली।