बिलासपुर. वन विभाग के मैदानी अमले के हड़ताल पर चले जाने से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए डीएफओ ने जिला प्रशासन से होमगार्ड्स देने की मांग की है। स्थिति की समीक्षा के लिए वृत्त प्रभारी सीसीएफ डा. जेके उपाध्याय भी कल बिलासपुर पहुंच रहे हैं। 10 सूत्रीय मांगों को लेकर वन विभाग के मैदानी अमले के 300 से अधिक कर्मचारी दो दिन पहले अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
इन कर्मचारियों को हड़ताल पर गए दो दिन ही हुए लेकिन जंगल में हालात बिगड़ने लगे हैं अचानकमार टाइगर रिजर्व एरिया में लोगों की आवाजाही बढ़ गई है। दर्जनों छोटे-बड़े वाहनों में सवार लोग जंगल में देखे गए हैं। ऐसी स्थिति से निबटने के लिए जंगल के सभी बेरियरों में ताला जड़ने एवं वहां की निगरानी करने के निर्देश एसडीओं एवं रेंजरों को दिए गए हैं।
साथ ही वन समितियों के पदाधिकारियों से भी सतत निगरानी करने कहा गया है। बदलते हालात के मद्देनजर डीएफओ एसएसडी बड़गैया ने कलेक्टर सोनमणि बोरा एवं एसपी विवेकानंद सिन्हा को पत्र लिखकर होमगार्ड के 50 जवान मांगे हैं। इन जवानों को जंगल में बेरियर के अलावा पेट्रोलिंग पार्टी के साथ रखा जाएगा। हड़ताली कर्मचारी तीसरे दिन भी वन मुख्यालय के सामने धरने पर बैठे रहे।
सीसीएफ करेंगे समीक्षा
बिलासपुर वन वृत्त के प्रभारी सीसीएफ डा. जेके उपाध्याय बुधवार को बिलासपुर आ रहे हैं। इस दौरान वे स्थानीय वन विभाग के अधिकारियों से कर्मचारियों की हड़ताल स्थिति के संबंध में चर्चा कर हालात की समीक्षा करेंगे। इससे निबटने केलिए वृत्त स्तर पर की गई व्यवस्था भी वे देखेंगे। श्री उपाध्याय बिलासपुर डिवीजन के किसी क्षेत्र का भ्रमण भी कर सकते हैं।