Danik Bhaskar Logo
| 42 Editions | 10 States

Wednesday, November 04, 2009 08:03 [IST]  

danik bhaskarनियम ताक पर, खतरा सड़क पर

भास्कर न्यूज

अजमेर. तेल कंपनियों व प्रशासन के लाख प्रयास के बावजूद शहर में गैस वितरकों द्वारा उपभोक्ताओं को रसोई गैस की होम डिलीवरी नहीं दी जा रही। इसके चलते वितरकों द्वारा शहर में आबादी वाले क्षेत्रों के चौराहों व अन्य मुख्य स्थानों पर अस्थाई कैंप लगाकर एलपीजी सिलेंडर डिलीवर किए जा रहे हैं।

वितरकों द्वारा इन अस्थाई कैंपों पर हादसे से निपटने के लिए एहतियात के तौर पर सुरक्षा के साधन नहीं रखे जाते। शहर में हर कहीं रखे सिलेंडरों यानी ‘मौत के सामान’ को लेकर तेल कंपनियां, वितरक, प्रशासन और आमजन भी सतर्क नहीं है।

रसोई गैस की कालाबाजारी के आगे तेल कंपनी की गैस वितरकों के लिए लागू हर व्यवस्था नाकाम साबित हो रही है। गैस वितरक तेल कंपनियों के नियमों और निर्देशों को धता बता कर सिलेंडरों का वितरण मनमाने ढंग से कर रहे हैं। शहर में आईओसी के छह, एचपीसी के दो तथा बीपीसी के तीन सहित कुल 11 गैस वितरकों द्वारा करीब सवा लाख उपभोक्ताओं को रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति दी जा रही है। कंपनी के नियमों के तहत डबल सिलेंडर वाले उपभोक्ता को किसी भी सूरत में काउंटर डिलीवरी नहीं दी जाकर होम डिलीवरी ही दी जा सकती है। वहीं एक सिलेंडर वाले उपभोक्ता को काउंटर डिलीवरी की प्रावधान है।

आबादी क्षेत्रों में कैंप

कंपनी के नियमों व सुरक्षा को दरकिनार कर गैस वितरक शहर में घनी आबादी क्षेत्रों में सिलेंडर वितरण के अस्थाई कैंप लगाते हैं। रोजाना 5 हजार से अधिक सिलेंडर सीधे ट्रकों से उतारकर डिलीवर होते हैं। कई कैंप ऐसी जगह हैं, जहां हलवाई या चाय की दुकानों पर आग जलती रहती है।

हवा हो गई होम डिलीवरी

तेल कंपनियों द्वारा अपने सभी गैस वितरकों को रसोई गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी के स्थाई आदेश जारी किए हुए हैं। इसके चलते गैस वितरकों द्वारा उपभोक्ताओं से कैश एंड कैरी के 10 रुपए बिल में जोड़ कर लिए जा रहे हैं। इसके विपरीत हकीकत यह है कि शहर के चंद उपभोक्ताओं को ही होम डिलीवरी का फायदा मिल रहा है। वितरकों के गैस ब्वाय सिलेंडर उपभोक्ता के घर पहुंचाने की बजाय सीधे ब्लैक मार्केट में सप्लाई कर देते हैं। डबल हो या सिंगल सिलेंडर वाले उपभोक्ता, सभी को शहर में लगने वाले अस्थाई कैंपों से ही डिलीवरी लेनी पड़ रही है।

कार्रवाई नहीं

रसोई गैस के सिलेंडरों की शहर के चौराहों व प्रमुख स्थानों से बिक्री पर रोक लगाने को लेकर न तो नगर निगम प्रशासन और न ही पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई की जाती है। निगम स्तर पर साल में एक—दो बार दिखावे के तौर पर चौराहों से सिलेंडर उठा लिए जाते हैं। वहीं अतिक्रमण के कारण ये कैंप यातायात बाधित कर रहे हैं। संबंधित क्षेत्र की थाना पुलिस या यातायात पुलिस इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही। सुरक्षा के लिहाजा से किसी भी कैंप में फायर उपकरण तक गैस वितरक द्वारा नहीं भेजा जाता।

यहां है ‘मौत का सामान’

नो नंबर पेट्रोल पंप, आदर्श नगर, जौंसगंज चौराहा, कसारी नाडी, राजेंद्र स्कूल, गवर्नमेंट कॉलेज, सेंट्रल गल्र्स स्कूल, गंज थाने के पास, प्रभात सिनेमा वाली गली, टीबी अस्पताल के सामने, धोलाभाटा चौराहा, गुलाबबाड़ी तिराहा, वैशालीनगर सागर विहार कॉलोनी, रामनगर, फॉयसागर पुलिस चौकी के पास, शास्त्रीनगर शॉपिंग सेंटर के आगे, पुलिस लाइन जैन मंदिर के पास, लोहागल चौराहा व अन्य स्थान।

  share
apne vichaar
post a comment
name:
email:
website:
code:
 
select your language:
Hindi Roman Hindi Phonetic English
comment: