मंडी आदमपुर. चूली खुर्द गांव में आठ माह की बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में मंगलवार को तीन गांवों की पंचायत ने पुलिस हस्तक्षेप के बाद फैसला बदल दिया। अब दुष्कर्म के आरोपी रमेश का परिवार गांव नहीं छोड़ेगा, लेकिन रमेश को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा।
रमेश को उसके परिवार के सदस्य भी किसी तरह की मदद नहीं देंगे। इसके लिए आरोपी का परिवार बुधवार को पंचायत को शपथ पत्र देगा। इन फैसलों पर मंगलवार को तीन गांवों की पंचायत ने मोहर लगाई।
इस मामले में सोमवार को सरपंच साधुराम की अध्यक्षता में एक पंचायत हुई थी, जिसमें रमेश व उसके परिवार को गांव छोड़ने व उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार का फैसला हुआ था। पंचायत ने परिवार को गांव छोड़ने के लिए मंगलवार शाम तक का समय दिया था।
पंचायत के फरमान पर मंगलवार को चूली कलां में दोबारा से तीन गांवों की पंचायत बुलाई गई। पंचायत में चूली खुर्द के अलावा चूली कलां व चूली बागड़ियान के पंचायत प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। पंचायत में जहां चूली खुर्द की पंचायत अपने पुराने फैसले पर अडिग रही, वहीं साथ लगते गांव चूली कलां के लोगों ने आरोपी व उसके परिवार को गांव न छोड़ने की बजाए सिर्फ सामाजिक बहिष्कार के फैसले की बात कही।
बाद में चूली खुर्द के ही कुछ लोगों के गांव निकालने के फैसले का विरोध शुरू कर दिया। इन लोगों का कहना था कि इसमें आरोपी के परिवार का कोई कसूर नहीं हैं। दूसरी ओर पीड़ित परिवार के सदस्य धर्मवीर ने पंचायत में कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो उनके 60 परिवार गांव छोड़कर चले जाएंगे।
इस दौरान कुछ लोग यह भी मांग कर रहे थे कि यह फैसला केवल अभी के लिए ही न होकर भविष्य में भी ऐसा करने वाले के खिलाफ भी होना चाहिए। तनातनी के इस माहौल में चूली खुर्द के सरपंच साधुराम ने कहा कि उनकी पंचायत सोमवार को ही फैसला ले चुकी है।
फिर भी तीनों गांवों की पंचायत आपसी सहमति से कोई फैसला करती है तो वह उनको मंजूर होगा। इस पर चूली कलां के सरपंच जसवंत चौहान ने कहा कि आरोपी के परिवार को गांव निकाला देने की बजाए उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाए। वहीं चूली बागड़ियान के सरपंच सुभाष बेनीवाल ने कहा कि पंचायत का मकसद गांव में भाईचारा कायम रखने का है।
दूसरी ओर तीन गांवों की पंचायत की सूचना मिलने पर डीएसपी शिवचरण व आदमपुर थाना प्रभारी सोहन सिंह भी मौके पर आ गए। पुलिस अधिकारियों ने सरपंच साधुराम के आवास पर पंचायत प्रतिनिधियों से बातचीत की। डीएसपी ने कहा कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले में उसके परिवार का कोई कसूर नहीं है। पुलिस अधिकारियों के तर्क पर पंचायत ने सोमवार को लिए फैसले पर आम सहमति से बदलाव कर दिया। नए फैसले में पंचायत ने फैसला लिया कि अब आरोपी के परिवार को ना तो गांव से निकाला जाएगा व ना ही उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।
परंतु भविष्य में यह परिवार आरोपी रमेश को न तो गांव में शरण देगा और ना ही उससे कोई लेनदेन करेगा। इसकी पुष्टि करते हुए चूली खुर्द के सरपंच साधुराम ने बताया कि बुधवार को आरोपी के परिजनों से इस बाबत शपथ पत्र लिया जाएगा।
इस मौके पर राधेराम, रामचंद्र, हरिसिंह, विजय सिंह, वीरेंद्र, रामफल, रोहताश, राजेंद्र, सतीश बेनीवाल, कृष्ण, सूबेसिंह, इंद्रपाल, बिल्लू, सुरेश, बलवंत, भादर सिंह, देवीलाल, कृष्ण कुमार आदि उपस्थित थे।