सागर. डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में चल रही बीएड परीक्षा के दौरान मंगलवार को एक बार फिर कई प्रश्न-पत्र के विषयों को लेकर गड़बड़ी उजागर हुई। कुछ परीक्षार्थियों के प्रवेश-पत्र और उपस्थिति सूची में प्रश्न-पत्र के अलग-अलग विषय भरे थे। जिससे ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
परीक्षार्थियों को प्रवेश-पत्रों में भरे विषय के अनुसार प्रश्न-पत्र दिए गए लेकिन जब उपस्थिति सूची आई तो उनके विषय दूसरे थे। परीक्षार्थी, शिक्षकों से कह रहे थे-सर।़ प्रश्न पत्र दे दो। रिजल्ट तो हम खुलवा लेंगे।
दरअसल, उपस्थिति सूची में दर्शाए विषय के अनुसार ही रिजल्ट बनाया जाता है। लेकिन कई परीक्षार्थी उपस्थिति सूची की बजाए प्रवेश-पत्र में दर्शाए विषय का प्रश्न पत्र मांग रहे थे। शिक्षकों के समझाने पर कि ऐसा करने से आपका रिजल्ट रुक सकता है तो उनका जवाब होता था कि अभी कॉलेज वालों ने प्रैक्टिकल के नंबर नहीं भेजे हैं।
जब प्रैक्टिकल के नंबर भेजे जाएंगे तो हम प्रवेश पत्र में दर्शाए विषय के ही नंबर भिजवाएंगे। इस तरह उनका रिजल्ट खुल जाएगा। मंगलवार को इस प्रकार के लगभग 20 परीक्षार्थियों के प्रश्न पत्र के विषय अलग-अलग पाए गए। विवि द्वारा कराई जा रही बीएड परीक्षा में इस प्रकार की कई विसंगतियां उजागर हुई हैं। कतिपय कॉलेज संचालकों एवं विवि के कतिपय अधिकारियों की मिलीभगत से परीक्षार्थियों के विषय बदले जा रहे हैं। मंगलवार को वैकल्पिक विषयों का पेपर था।
विवाद की स्थिति बनी
मंगलवार को दोपहर में कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग में एक घटना को लेकर छात्रों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। किसी प्रकरण को लेकर कुछ छात्र विभाग पहुंचे थे, जो एमसीए के छात्रों के बारे में पूछताछ कर रहे थे। इस समय कुछ शिक्षक भी बाहर निकल आए थे।
थोड़ी देर रुकने के बाद यह छात्र यह कहते हुए चले कि कल फिर वापस आएंगे। इस संबंध में विभाग के छात्रों ने विभागाध्यक्ष प्रो. आरएस कसाना से जानकारी लेने पहुंचे तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। विभाग के छात्रों ने आरोप लगाया कि विभागाध्क्ष जानकारी होने के बाद भी उन्हें कुछ नहीं बता रहे हैं।