अलवर. दिल्ली-अजमेर शताब्दी एक्सप्रेस से पटौदी के समीप सुबह पटरी पार करते हुई दुर्घटना में सात लोगों की मौत होने के बाद उत्तेजित स्थानीय भीड़ ने दिल्ली-रेवाड़ी के बीच का रेल मार्ग अवरुद्ध कर दिया और रेल पर पथराव किया। इससे दिल्ली मार्ग से अलवर आने-जाने वाली रेलों का मार्ग बदला गया। इससे यात्रियों को परेशानी हुई। सुबह 8.44 बजे अलवर स्टेशन पहुंचने वाली शताब्दी एक्सप्रेस 6 घंटे 21 मिनट विलम्ब से आई।
दिल्ली सराय रोहिल्ला गरीब रथ को वाया मथुरा होकर अलवर भेजा गया। सुबह 11.48 बजे आने वाली यह रेल शाम को साढ़े सात बजे अलवर स्टेशन आई। इसके अलावा बरेली-न्यूभुज रेल डेढ़ घंटे विलम्ब से आई। इसके अलावा सुबह दिल्ली की ओर से जाने वाली आश्रम एक्सप्रेस को पहले इंछापुरी में खड़ा रखा गया। बाद में इस रेल को रेवाड़ी से मार्ग बदल कर गुड़गांव की बजाय भिवानी-रोहतक होते हुए दिल्ली की ओर रवाना किया गया।
आश्रम से पहले इंटरसिटी एक्सप्रेस व बरेली-भुज एक्सप्रेस ट्रेन को भी इसी रूट से रवाना किया गया। शाम को 5.40 बजे आने वाली आश्रम एक्सप्रेस आने निर्धारित समय से पौने छह घंटे की देरी से चल रही थी। शाम साढ़े सात बजे अलवर आने वाली अजमेर-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे के विलम्ब से चल रही थी। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अलवर पहुंची सुबह की शताब्दी ट्रेन में आए यात्रियों ने भास्कर को बताया कि पटौदी के समीप पटरी पार करते समय शताब्दी एक्सप्रेस से हुई दुर्घटना में सात लोगों की मौत हो गई। इसके बाद आक्रोशित हुए स्थानीय लोगों ने रेल मार्ग रोक दिया। दिल्ली से जयपुर जा रहे यात्री पंकज ने बताया कि उत्तेजित हुए लोगों ने रेल पर पथराव किया। इससे रेल में बैठें यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
दुर्घटना स्थल पर शताब्दी एक्सप्रेस दोपहर पौने दो बजे तक रुकी रही। बाद में रेलवे के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे तो उन्होंने लोगों को समझाकर रास्ता खुलवाया। एक अन्य यात्री दुर्गेश कुमार ने बताया कि शताब्दी की दुर्घटना के बाद रेल के रुकने पर यात्रियों पर हुए पथराव में कई यात्रियों को चोट आई।
घटना के कुछ देर बाद ही रेल में सफर कर रहे कई यात्री अन्य वाहनों से आगे के सफर के लिए निकल गए। करीब दो बजे शताब्दी रेवाड़ी पहुंची और दोपहर 3.05 बजे अलवर स्टेशन पर आई। यह 3.07 बजे जयपुर के लिए रवाना हो गई।