अलवर. डाइट परिसर में मंगलवार से शुरू हुई कंप्यूटर ट्रेनिंग के पहले ही दिन 40 में से 33 शिक्षक गैर-हाजिर रहे। ट्रेनिंग के प्रति शिक्षकों की इस उदासीनता पर कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) नवलसिंह राठौड़ ने सभी 33 शिक्षकों को नोटिस भेजे हैं। इसके अलावा प्रशिक्षण के लिए शिक्षकों को स्कूलों से कार्यमुक्त नहीं करने वाले संस्थाप्रधानों पर भी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
‘कल्प’ स्कूलों का चयन
जिले में फिलहाल 150 स्कूल ऐसे हैं जिन्हें कल्प योजना के तहत कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए हैं। इन स्कूलों के शिक्षकों को विभिन्न चरणों में सर्व शिक्षा अभियान की ओर से कंप्यूटर के बेसिक ज्ञान के लिए 12 दिन का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके बाद प्रशिक्षित शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में कक्षा 6 से आठवीं तक के विद्यार्थियों को कंप्यूटर पढ़ाते हैं।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं
कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) का कहना है कि सरकार द्वारा सभी शिक्षकों को वेतन के अलावा साठ रुपए प्रतिदिन और आने-जाने का किराया दिया जा रहा है। ट्रेनिंग के बाद ही शिक्षक विद्यार्थियों को कक्षाओं में कंप्यूटर का ज्ञान दे सकेंगे। इसलिए प्रशिक्षण के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों की सूची शिक्षा निदेशक को भी भिजवाई जाएगी।
इनको भेजे नोटिस
कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी ने मंगलवार को उमरैण ब्लाक में कार्यरत शिक्षिका सुनीता, सुनंदा, कमलेश शर्मा, शिक्षक रामनिवास सैनी, दिलीप सिंह, प्रशांत भारद्वाज, अब्दुल गफार खान, विक्रमसिंह, पंकज अदलक्खा तथा दिगंबर शर्मा, रामगढ़ ब्लाक की गीता मीणा, सरोज कुमारी तथा नरेंद्र कुमार, कठूमर ब्लाक के रसूल खां, बलवीरसिंह चौधरी तथा लक्ष्मण बैरवा, मुंडावर के सरदारसिंह, चित्रा मोहिनी, किशनगढ़बास की शिक्षिका बबीता, प्रबोधक मधु तथा दिनेश शर्मा, कोटकासिम की पूनम योगी, सोहनलाल यादव, रैणी के शिवदयाल व्यास, छुट्टनलाल, तिजारा के लालचंद, शिक्षिका घटारानी भाटिया, थानागाजी के कजोड़मल मीणा, शिक्षिका मीनाक्षी पारस, बहरोड़ के रोहिताश यादव को कारण बताओ नोटिस दिया गया है।