भीलवाड़ा. राजकीय माध्यमिक विद्यालय व राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय हलेड़ में मंगलवार को गांववालों ने पोषाहार का बहिष्कार कर दिया। हालांकि गांववालों व विद्यार्थियों ने पोषाहार चखा भी नहीं। उनका कहना था कि पिछले कई दिनों से गुणवत्ताहीन पोषाहार परोसा जा रहा है।
नांदी फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को मीठा दलिया सप्लाई किया गया। पोषाहार पहुंचने पर गांववालों ने कंटनेरों में रखे पोषाहार को फेंक दिया। हालांकि मंगलवार की घटना का दूसरा पक्ष यह भी है कि किसी ने पोषाहार चखा तक नहीं।
गांववालों का आरोप है कि पोषाहार खाने से बच्चे अभिभावकों से पेट दर्द व अन्य शिकायत कर रहे हैं। बीपीएल परिवार के बच्चों को मजबूरीवश पोषाहार खाना पड़ रहा है। गांववालों ने पोषाहार सामग्री स्कूल प्रशासन को उपलब्ध करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूल प्रशासन द्वारा ही खाना पकाया जाए।
उपभोक्ता अधिकार समिति हलेड़ ईकाई के अध्यक्ष कैलाश सुवालका ने बताया कि पोषाहार की जगह गेहूं व अन्य सामग्री स्कूल को दे दी जाए। उधर, माध्यमिक विद्यालय के संस्था प्रधान रतनप्रकाश शर्मा ने बताया कि उनकी ड्यूटी खेलकूद प्रतियोगिता में होने के कारण मामले की जानकारी नहीं है। हालांकि उनका यह भी कहना है कि अगर बच्चे पोषाहार नहीं खाए तो क्या किया जा
सकता है।