भीलवाड़ा. नाता विवाह के तीन दिन बाद ही शहर के बैरवा मोहल्ला से एक महिला जेवरात सहित लापता हो गई। पति ने उसे ढूंढने के काफी प्रयास किए, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चलने पर मंगलवार को कोतवाली थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई।
कोतवाल राहुल जोशी ने बताया कि बैरवा मोहल्ला निवासी गोपाल पुत्र हजारीलाल बैरवा 29 अक्टूबर को शाहपुरा सर्किल के सांगरिया गांव की रामपाली को नाते लाया था। दो नवंबर शाम सात बजे रामपाली बिना बताए घर से निकल गई।
इसके बाद उसका कहीं पता नहीं चल पाया। महिला अपने साथ आधा किलो चांदी की कनगती, 200 ग्राम चांदी के पायजेब, सोने का लौंग व दो मांदलिया भी साथ ले गई। गोपाल ने रामपाली के भाई कालू पुत्र नंदराम बैरवा से टेलीफोन पर बात की तो उसने भी रामपाली के वहां आने से मना कर दिया। पुलिस ने लापता महिला की तलाश शुरू कर दी।
गांव से आई दो युवतियां शहर से लापता
लेसवा व बड़ला गांवों से खरीदारी करने शहर आई दो युवतियां लापता हो गई। बागौर थाना प्रभारी परशुराम माली ने बताया कि लेसवा निवासी बालू पुत्र गुलाब सुनार की बेटी मंजू सिलाई का सामान खरीदने 26 अक्टूबर को गांव से बस में बैठकर शहर के लिए रवाना हुई थी।
वह घर से पांच हजार रुपए भी साथ ले गई। इसके बाद मंजू लौटकर नहीं आई। 17 वर्षीया मंजू बैंगनी सलवार सूट पहने हुए है। इसी तरह बड़ला निवासी दुर्गासिंह शक्तावत की बेटी आशाकंवर (22) अपनी एक सहेली के साथ 28 अक्टूबर को खरीदारी करने शहर आई थी।
यहां से वह लापता हो गई। इस संबंध में युवती के काका जगदीशसिंह शक्तावत ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने लापता युवतियों की तलाश के लिए जिले के सभी थाना अधिकारियों को सूचना भिजवा दी है।