जबलपुर. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नगर आगमन पर आज युवक कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने शहर के कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन करते हुए उन्हें काले झंडे दिखाने का प्रयास किया। इस प्रयास में करीब एक सैकड़ा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया और शाम को जब मुख्यमंत्री शहर से रवाना हो गए तब कार्यकर्ताओं को छोड़ा गया। युवक कांग्रेस ने दूषित पानी पाउचों को लेकर विरोध किया तो एनएसयूआई ने मुख्यमंत्री के दीक्षांत समारोह में न आने पर नाराजी जताई।
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पुलिस प्रशासन खासा सतर्क रहा, क्योंकि यह पहले से ही तय हो गया था कि उन्हें कुछ संगठनों के विरोध का सामना करना पड़ेगा। इसलिए कुछ पुलिस कर्मियों को पहले से ही ऐसे स्थानों पर तैनात किया गया था जहां से मुख्यमंत्री को गुजरना था और जैसे ही जानकारी लगी कि कार्यकर्ता सीएम को काले झंडे दिखाने का प्रयास करने वाले हैं भारी पुलिस बल वहां पहुंच गया और इसके बाद कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
युवक कांग्रेस के मोनू अग्रवाल ने बताया कि शहर में धड़ल्ले से पानी के दूषित पाउच बेचे जा रहे हैं और इसके विरोध में स्वास्थ्य मंत्री से लेकर संभागायुक्त तक को ज्ञापन सौंपा जा चुका है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी के विरोध में आज दोपहर युवक कांग्रेसी कार्यकर्ता मालवीय चौक पर एकत्र हुए और वहीं से शैलेंद्र वंशकार, भरत अर्खेल, राजेंद्र जाट, रोहित जाट सहित करीब 50 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
शिक्षकों का अपमान किया
एनएसयूआई के नगर अध्यक्ष हर्षित सिंघई के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने घमंडी चौक और दमोहनाका पर मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने का प्रयास किया। इस बीच पुलिस ने करीब आधा सैकड़ा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने रादुविवि के दीक्षांत समारोह में न आकर छात्र-छात्राओं और शिक्षकों का अपमान किया है और प्रताड़ित होकर ही कुलपति ने पद से इस्तीफा दे दिया।