बाजार कल इतना फिसल गया कि अब कुछ बड़े जानकार इसे खरीदारी का सही मौका बता रहे हैं। कितनी सुरक्षित है यह सलाह? अगर आप बाजार में और 10-15% गिरावट को सहने का माद्दा रखते हैं, तो जरूर यह सलाह काफी सुरक्षित है। मैं यह नहीं कह रहा कि अभी और 10-15% गिरावट आने वाली है। यह कहा है कि अगर इतनी गिरावट झेलने का दम हो तो खरीदारी शुरू कर सकते हैं।
जब आप निवेश के हिसाब से खरीदारी करते हैं, पैसे देकर अपने डीमैट खाते में शेयर ले आते हैं, तब गिरावट झेलने के लिए कैसा दम चाहिए? भाई गिरावट आयी भी तो जेब से और ज्यादा पैसे तो देने नहीं होते! जरूर, लेकिन अपने खाते में पड़े शेयरों पर हो रहा घाटा सहने का मानसिक दम होना चाहिए। यह भरोसा होना चाहिए कि मेरे शेयर गिर भी गये तो क्या, ये फिर से चढ़ जायेंगे। और यह भरोसा तभी आयेगा, जब आपकी खरीदारी बुनियादी रूप से मजबूत शेयरों में हो।
बाजार में जब खरीदारी के मौके आते हैं, तब समझदार निवेशक ऐसे ही बुनियादी तौर पर मजबूत शेयर चुनते हैं जिनमें देर-सबेर फिर से मजबूती आनी ही हो। लेकिन काफी निवेशक लालच में पड़ कर यह हिसाब-किताब लगाते हैं कि किस शेयर को सबसे ज्यादा चोट पड़ी है। वे ऐसे शेयर चुनते हैं, जिन्हें सबसे ज्यादा नुकसान सहना पड़ा हो। अगर आप सचमुच बाजार की तलहटी पर ऐसे कुछ शेयर खरीद सके तब तो गनीमत है, वरना बाजार के और फिसलने पर ऐसे शेयर और भी टूटेंगे। इतना गिरेंगे कि आपका हौसला भी टूट जायेगा और आप अच्छा-खासा घाटा उठा कर वह शेयर बेच देंगे। बिल्कुल वही मौका होगा, जब बाजार वापस पलट जायेगा। बाजार हमेशा लालची निवेशकों के खिलाफ ऐसी ही साजिश करता है। फिर इस बार कुछ अलग क्यों होगा!
जब आप ऐसे टप्पाखोर (विद्वानों की भाषा में हाई बीटा) शेयरों के बीते दिनों का चार्ट देखेंगे तो लगेगा कि पैसा तो इन्हीं में बन सकता है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आम निवेशकों का पैसा इन्हीं में ज्यादा डूबता है।
बात इस सवाल से शुरू की थी कि क्या खरीदारी का वक्त आ गया है? मुझे लगता है कि निफ्टी की इस गिरावट की तलहटी यहाँ से 3900 के बीच कहीं भी बन सकती है। कहाँ, मुझे नहीं पता! अगर आपको पता हो तो उस स्तर का इंतजार कर लें। अगर नहीं पता, तो खरीदारी शुरू कर दें।
राजीव रंजन झा
(© www.ShareManthan.in, 04 नवंबर 2009)