फरीदाबाद. असावटी रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर काफी दूर तक शवों के अंग बिखरे पड़े थे। छह गैंगमैनों की शिनाख्त के लिए रेलवे को काफी मशक्कत करनी पड़ी। गैंगमैनों की टीम में सबसे बुजुर्ग एक कर्मचारी ने एक घंटे की मशक्कत के बाद मृतकों की शिनाख्त की।
इसके बाद शवों को सिविल अस्पताल भेजा गया। असावटी के गेट नंबर-771 के पास छह गैंगमैनों के अंग करीब एक किलोमीटर तक फैले पड़े थे। मौके पर पहुंची जीआरपी टीम ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शवों के अंग एक स्थान पर इकट्ठे किए। इसके बाद इन्हें पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया गया।
अंधेरे में हो रहा था कार्य
सेक्शन इंजीनियर की देखरेख में ओल्ड फरीदाबाद से असावटी रेलवे स्टेशन के बीच ट्रैक को सात इंच ऊंचा करने का कार्य चल रहा था। मंगलवार देर शाम अंधेरे में कार्य चल रहा था। इस दौरान गैंगमैनों की टीम काम को खत्म कर ट्रैक नंबर तीन पर पड़े पत्थर को हटाने में जुट गई।
इसी समय इस ट्रैक पर मालगाड़ी आने से गैंगमैन की पूरी टीम ट्रैक नंबर दो पर चली गई। उसी समय 6.18 मिनट पर एनपी तीन ट्रैक पर छह लोगों को रौंदते हुए चली गई। यह हादसा क्षणभर में हो गया।
चार एंबुलेंस पहुंची मौके पर
असावटी रेलवे स्टेशन के पास हुए हादसे की सूचना ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन को शाम सात बजे के करीब मिली। इस दौरान आरपीएफ प्रमुख अनूप सिंह थर्रान, स्टेशन अधीक्षक डीडी सिंघल मौकेपर पहुंचे। बादशाह खान अस्पताल से दो एंबुलेंस व दो एंबुलेंस मेट्रो अस्पताल से पहुंच गईं।
पूरी टीम आ गई थी चपेट में
तुगलकाबाद रेलवे स्टेशन की पूरी टीम करीब दस दिन से फरीदाबाद ट्रैक के मरम्मत के कार्य में जुटी है। इस दौरान मंगलवार को असावटी के पास पूरी टीम ट्रैक मरम्मत के कार्य में लगी थी। इसी समय ईएमयू के चपेट में पूरी टीम आ गई। इस दौरान वही गैंगमैन बचे, जो ट्रैक के बीच में फंस गए और ट्रेन जाने तक ट्रैक पर लेटे रहे।