रायगढ़. सर्किट हाउस-उर्दना रोड का महत्व भारी वाहनों की आवाजाही तथा घरघोड़ा-जशपुर को चक्रधरनगर रायगढ़ से जोड़ने वाले सड़क मार्ग के रुप में है। वहीं केलो नदी पर खर्राघाट के पास रपटापुल बन जाने के बाद से इसका महत्व और बढ़ गया है। पुल बन जाने के बाद चक्रधरनगर क्षेत्र से घरघोड़ा व जिंदल की ओर जाने वाली भारी वाहन इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।
इसके बावजूद भी संबंधित विभाग इस सड़क के रख-रखाव व जीर्णोधार की तरफ ध्यान नहीं दे रही है। जिसके कारण केंद्रीय विद्यालय से उर्दना तक की करीब पांच किलोमीटर सड़क अत्यंत जर्जर अवस्था में पहुच चुकी है। इस मार्ग के मरम्मत के लिए जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग द्वारा गत वर्ष इस मार्ग पर आधे-अधूरे निर्माण होने से भारी वाहनों के दबाव के कारण यह सड़क फिर उधड़ गई है।
वहीं सड़क को क्रेशर डस्ट से पेंचवर्क करके सड़क को आनन-फानन में समतल तो कर दिया गया,लेकिन उसके बाद उड़ते डस्ट राहगीरों के लिए मुसीबत बन गया है। लगभग पांच किलोमीटर की इस सड़क में जगह जगह गड्ढ़े के अलावा उधड़ी हुई सड़क के बीच से गिट्टी, बोल्डर झाकते साफ देखे जा सकते है। ऐसे उबड़ खाबड़ मार्ग पर हिचखोले खाते भारी वाहनों के गुजरने से हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
वही भारी वाहनों के गुजरते समय सड़क पर बिछी डस्ट से इतना धूल उड़ता है कि पैदल व सायकल तथा दुपहिया सवारों को स्वयं रूककर भारी वाहन के आगे निकलने का इंतजार करना पड़ता है। विदित हो कि इसी मार्ग से जिंदल स्कूल के कई बसों की आवाजाही भी होती है।
जिसमें सवार बच्चों पर हमेशा दुर्घटना का साया मंडराता रहता है। सड़क के इतने जीर्ण-शीर्ण होने के बावजूद विभागीय अधिकारियों को इस सड़क की दुर्दशा का ज्ञान नहीं है। इस मार्ग की उपयोगिता को देखते हुए मार्ग का जीर्णोद्धार व डामरीकरण कराने की शख्त जरूरत है।